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Fact Check: नोएडा में हुए श्रमिकों के प्रदर्शन के वीडियो को जेन-जी प्रदर्शन बताकर किया जा रहा शेयर

Mon, 25 May 2026 06:28 PM IST
Asmita Tripathi फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत में जेन-जी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में भीड़ एक जगह प्रदर्शन कर रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत के जेन-जी आर्मी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो नोएडा प्रदर्शन के दौरान का है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत के जेन-जी आर्मी मुख्यालय के सामने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 

मुर्शादी सैयदी नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’भारतीय जेन-जी के प्रदर्शनकारियों की सेना मुख्यालय के पास झड़प:... भारतीय जेन-जी के प्रदर्शनकारियों ने नोएडा में भारतीय सेना और सीआरपीएफ के कार्यालयों के पास के इलाकों में धावा बोल दिया, क्योंकि पुलिस और सुरक्षा बलों को स्थानीय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते देखा गया था। लोग भाजपा और सेना के दमन के खिलाफ उग्र हैं।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें इंडिया डेली के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो से संबंधित क्लिप देखने को मिली। यह वीडियो 13 अप्रैल 2026 को साझा किया गया है। यहां बताया गया है कि नोएडा सेक्टर 62-63 में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों का उग्र प्रदर्शन। सड़कों पर हंगामा, पुलिस बल तैनात, हालात तनावपूर्ण।

 

 

इसके बाद हमें न्यूज चस्क लाइव के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 13 अप्रैल 2026 को साझा किया गया है। यहा बताया गया है कि नोएडा में मजदूरों ने वेतन बढ़ाने के लिए उग्र प्रदर्शन किया है। सरकार ने धीरे-धीरे सब कुछ प्राइवेट कर दिया है, जिससे प्राइवेट कंपनियां मजदूरों का शोषण कर रही हैं। वे 12 घंटे काम कर रहे हैं और सैलरी केवल 12 से 15 हजार मिल रही है। प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। 

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 13 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वेतन वृद्धि की मांग को लेकर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को कई कंपनियों के कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। पिछले तीन से चार दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया, जब गुस्साए कर्मचारियों ने कई प्रमुख सड़कों पर जाम लगा दिया और यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। फेज 2 में चल रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। आक्रोशित भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़े। 

 

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यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो नोएडा में हुए श्रमिकों के प्रदर्शन का है। इसके साथ ही भारत में कोई भी जेन-जी प्रदर्शन नहीं हो रहा है। वायरल वीडियो को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के वीडियो को जेन-जी प्रदर्शन बताकर शेयर किया जा रहा है। 

 

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