सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को सच बता कर लोगों के बीच फैलाना आम बात हो गई है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन भी फर्जी खबरों के ऐसे हमले का शिकार होने से नहीं बच पाए। व्हाट्सऐप पर अचानक ही एक मैसेज आया जिसमें दावा किया जा रहा था कि टीएन शेषन अब हमारे बीच नहीं रहे।
मैसेज में शेषन और उनकी पत्नी की फोटो के साथ लिखा हुआ था कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त श्री टीएन शेषन, जिनसे कभी सभी राजनीतिक दलों को डर लगता था, आज सुबह उनका निधन हो गया। कल उनकी धर्मपत्नी का देहांत हो गया था और आज वो भी चल बसे। उनके कोई बच्चे नहीं थे और लंबे समय से वे एक वृद्ध घर में रहते थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
देखते ही देखते यह मैसेज देश भर में आग की तरह फैल गया। केवल आम जनता ही नहीं बल्कि इस वायरल मैसेज ने दो केंद्रीय मंत्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शेषन के निधन की खबर को ट्विटर पर शेयर करते हुए शोक व्यक्त किया। कुछ देर बाद उनके इस ट्वीट को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी रीट्वीट किया।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल?
अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि यह दूसरी बार है जब शेषन इस तरह के फर्जी निधन की खबर का शिकार हुए हैं। इससे पहले भी पिछले साल अप्रील में उनकी पत्नी जयालक्षमी शेषन की मृत्यु के बाद ऐसी खबर वायरल हुई थी कि टीएन शेषन का निधन हो गया है।
तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के आईएएस ऑफइसर रहे टी एन शेषन जिवित और बिल्कुल स्वस्थ हैं। चुंकि देश में चुनावों के वक्त टीएन शेषन चर्चा का विषय होते हैं इसलिए तमाम जगहों से ऐसी खबरें वायरल की जाती हैं। सोशल मीडिया के अलग अलग ग्रुप और पेज पर शेयर की जा रही शेषन के निधन की यह खबर बिल्कुल गलत और निराधार है।