उत्तराखंड कांग्रेस में गुटबाजी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनौतियों का मिलकर सामना करने की नसीहत दी है। राज्य के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष को भरोसा भी दिलाया है कि उन्हें शिकायत का मौका नहीं देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य के महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य के प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह के साथ बैठक कर जल्द ही दोबारा उत्तराखंड के नेताओं को बुलाया है। प्रदेश के बड़े नेताओं ने अध्यक्ष के समक्ष गिले शिकवे दूर कर तालमेल बिठाकर साथ चलने का संकल्प दोहराया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की। राज्य के प्रभारी के नेतृत्व में पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, विधानसभा में विपक्ष की नेता इंदिरा हृदयेश, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को बुलाया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने चर्चा के दौरान कई बार इशारों में तो कई बार खुलकर आपसी मतभेद भुलाने की बात कही। राहुल गांधी ने राज्य के नेताओं से कहा कि राज्य में कांग्रेस के सामने चुनौतियां भी हैं और परेशानियां भी। लेकिन हमें पार्टी को मजबूती देने के लिए मिलकर काम करना होगा।
बैठक में भविष्य में होने जा रहे स्थानीय निकाय के चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के सामने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों का चयन भी बड़ी चुनौती है। राज्य के कई बड़े नेताओं के भाजपा में चले जाने के कारण राज्य की पांच सीटों के लिए मजबूत उम्मीदवार उतारना भी पार्टी के लिए चुनौती होगा।
पूर्व प्रभारी अंबिका सोनी की तरह नए प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह भी नेताओं की गुटबाजी समाप्त करने में जुटे हैं। किशोर उपाध्याय ने कहा कि हरीश रावत जी, मैं, इंदिरा हृदयेश और प्रीतम सिंह मिलकर पार्टी को आगे ले जाएंगे। अगले सप्ताह हम सभी प्रभारी जी के नेतृत्व में बैठेंगे और फिर एक बार राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से मुलाकात करेंगे।
राज्य प्रभारी 22 से चार दिन देहरादून में
प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह का कहना है कि वह 22 जुलाई से चार-पांच दिन देहरादून रहेंगे। इस दौरान प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा भी संभव है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी छोड़कर गए कुछ नेताओं की वापसी को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि फिलहाल कोई विधायक पार्टी में लौट रहा है, लेकिन कहा कि उस दौरान गए कुछ नेताओं की घर वापसी तय है।