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Bombay High Court: 'जबरन वसूली की FIR राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई, इसे रद्द किया जाए', पूर्व DGP की दलील

Mon, 16 Dec 2024 10:58 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र पूर्व डीजीपी संजय पांडे पर व्यवसायी संजय पुनमिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उन्होंने 2021 में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पैसे वसूले और उन्हें झूठे बयान देने के लिए मजबूर किया।
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बॉम्बे हाईकोर्ट / महाराष्ट्र के पूर्व DGP संजय पांडे - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडे ने ठाणे शहर से सटे इलाके में पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ दर्ज जबरन वसूली के मामले को रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आरोप लगाया है कि इस कदम के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध है।
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मामले 19 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले में जस्टिस भारती डांगरे और मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने सोमवार को उनकी याचिका पर संक्षिप्त दलीलें सुनीं और इस पर अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। संजय पांडे ने अपनी याचिका में दावा किया कि व्यवसायी संजय पुनमिया की तरफ से दर्ज की गई शिकायत के आधार पर उन पर आपराधिक साजिश, जालसाजी और जबरन वसूली का आरोप लगाने वाली एफआईआर कुछ और नहीं बल्कि 'राजनीतिक प्रतिशोध' का कृत्य है।

हाईकोर्ट से जांच पर रोक लगाने की मांग की गई
संजय पांडे के वकीलों मिहिर देसाई और राहुल कामेरकर ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि एफआईआर तीन साल की देरी के बाद दर्ज की गई थी। इस याचिका में कहा गया है, 'देरी से सामग्री की अप्रमाणिकता उजागर होती है। यह अविश्वसनीय है कि शिकायतकर्ता तीन साल बाद अचानक आवेदक (पुनमिया) की तरफ से जबरदस्ती का दावा करता है, जिसके साथ उसने कभी बातचीत नहीं की।' पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि एफआईआर एक लक्षित हमला था और पुलिस सेवा से उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से उनके खिलाफ चल रहे राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा था। याचिका में एफआईआर को रद्द करने और जांच पर रोक लगाने की मांग की गई है, जिसमें तर्क दिया गया है कि उनके खिलाफ कोई भी कथित अपराध नहीं बनता है। 
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पूर्व डीजीपी ने हाईकोर्ट में दायर की थी अग्रिम जमानत याचिका
एफआईआर में संजय पांडे, दो सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और अन्य पर पुनमिया को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है, जब तक कि वह शहरी भूमि सीलिंग घोटाले में राजनीतिक हस्तियों को नहीं फंसाते। पुनमिया ने आरोप लगाया कि जब वह 2021 में सैफी अस्पताल में भर्ती थे, तो अधिकारियों ने प्रमुख राजनेताओं एकनाथ शिंदे (तत्कालीन शिवसेना मंत्री), भाजपा के देवेंद्र फडणवीस (जो तब विपक्ष में थे) और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को फंसाने के लिए संजय पांडे का 'संदेश' दिया। पूर्व डीजीपी ने इससे पहले मामले में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी और उन्हें 3 जनवरी, 2025 तक गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की गई है।
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