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S Jaishankar: फ्रांस और लक्जमबर्ग के दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर, फ्रांसीसी राजदूत सम्मेलन को करेंगे संबोधित

Sun, 04 Jan 2026 05:33 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

S Jaishankar: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 04 से 10 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। पेरिस में, वे फ्रांसीसी नेतृत्व से मिलेंगे और विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट के साथ बातचीत करेंगे।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस जयशंकर रविवार (04 जनवरी) से 10 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर पेरिस में फ्रांसीसी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और अपने समकक्ष जीन नोएल बैरोट के साथ बातचीत करेंगे।
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फ्रांसीसी राजदूत सम्मेलन को करेंगे संबोधित
दोनों मंत्री भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर विशिष्ट अतिथि के रूप में फ्रांसीसी राजदूत सम्मेलन के 31वें संस्करण को भी संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी की यात्रा के बाद अब जयशंकर का दौरा
दरअसल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फ्रांस यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फरवरी में हुई फ्रांस यात्रा के कुछ महीनों बाद हुई है, जिसके दौरान उन्होंने फ्रांसीसी इमैनुएल मैक्रों  के साथ एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की और उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
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लक्जमबर्ग का दौरा भी करेंगे विदेश मंत्री
फ्रांस की यात्रा समाप्त करने के बाद विदेश मंत्री लक्जमबर्ग का दौरा करेंगे, जहां वे लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और उनके समकक्ष जेवियर बेटेल के साथ-साथ वरिष्ठ नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। वे लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।

ये भी पढ़ें: Jaishankar: 'भारत को बुरे पड़ोसियों से अपना बचाव करने का अधिकार', आतंकवाद पर जयशंकर की पाकिस्तान को चेतावनी
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 बांग्लादेश और श्रीलंका का किया था हालिया दौरा
बता दें कि इससे पहले जयशंकर बांग्लादेश भी गए थे, जहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया था, जिनका पिछले महीने 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। शेख हसीना के शासन को सत्ता से बेदखल करने वाले 2024 के विद्रोह के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच ढाका की जयशंकर की यात्रा का विशेष महत्व था। बांग्लादेश से पहले जयशंकर ने श्रीलंका का दौरा किया और कोलंबो में प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या से मुलाकात की, जहां उन्होंने चक्रवात दित्वाह के बाद द्वीप राष्ट्र के पुनर्निर्माण प्रयासों में भारत की सहायता करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।

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