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रूसी विदेश मंत्री का दौरा: क्या चीन के साथ सैन्य समझौता करेगा रूस? लावरोव ने दिया यह जवाब

Tue, 06 Apr 2021 03:06 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विदेश मंत्री जयशंकर, सर्गेई लावरोव - फोटो : ANI
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कोरोना संकट के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों और भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के प्रति कई क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाएंगे। 

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से पूछा गया कि क्या रूस चीन के साथ सैन्य समझौता करने की योजना बना रहा है? इस पर रूसी मंत्री ने कहा कि नहीं, रूस और चीन के बीच किसी सैन्य समझौते की योजना नहीं है। 

विदेश मंत्री जयशंकर ने लावरोव के साथ बातचीत के बाद कहा कि बातचीत व्यापक और सार्थक रही।हमारी ज्यादातर बातचीत इस साल के आखिर में होने जा रहे भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन के बारे में हुई। उन्होंने कहा कि हमने परमाणु, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही भागीदारी के बारे में बातचीत की।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दोनों मंत्रियों की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया कि दीर्घकालिक एवं समय की कसौटी पर खरे उतरे सहयोगी। विदेश मंत्री जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का स्वागत किया।

भारत के साथ रिश्ते रूस की प्राथमिकता: रूसी दूतावास
लारोव की यात्रा से पहले रूसी दूतावास ने सोमवार को कहा था कि शुभेच्छा, आमसहमति और समानता के सिद्धांतों पर आधारित सामूहिक कार्यों को रूस काफी महत्व देता है और टकराव एवं गुट (ब्लाक) बनाने जैसे कार्यों को खारिज करता है। दूतावास ने कहा कि भारत के साथ खास सामरिक गठजोड़ रूस की विदेश नीति की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रूसी दूतावास ने कहा कि लावरोव अपनी यात्रा के दौरान आगामी उच्चस्तरीय बैठकों, द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों सहित साल 2019 में हुए 20वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के परिणामों के अनुपालन पर व्यापक चर्चा करेंगे। बता दें कि भारत और रूस का वार्षिक शिखर सम्मेलन पिछले वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण नहीं हो सका था।

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