विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को तीन दिन के अमेरिकी दौरे पर रवाना हुए। वहां वे महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला पर वाशिंगटन के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। जयशंकर की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों में आई गिरावट को दूर करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। ऐसी उम्मीद है कि मंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
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2 से 5 फरवरी तक अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए 2 से 5 फरवरी तक संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। इसमें कहा गया है कि मंत्रिस्तरीय बैठक आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेगी। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें भी करेंगे।
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भारत-अमेरिका की संबंधों में गिरावट
भारत के रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क सहित, भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को ट्रंप द्वारा दोगुना करके 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के बाद से भारत-अमेरिका संबंध गंभीर तनाव में हैं। टैरिफ के मुद्दे के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंधों में गिरावट देखी गई, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने का दावा किया। इसके साथ ही वाशिंगटन की नई आव्रजन नीति शामिल है।