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New Delhi: अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, जानें किन मुद्दों पर हुई बात

Sun, 25 Jan 2026 05:00 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी कांग्रेस के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को मुलाकात की। इस बैठक के दौरान विदेश मंत्रालय के कई अहम अफसर मौजूद रहे।  
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अमेरिकी डेलिगेशन से मिले विदेश मंत्री - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को राजधानी दिल्ली में तीन सदस्यीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे समय हुई जब भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
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बैठक में मौजूद रहे अमेरिकी राजदूत 
बैठक में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद थे। बैठक के बाद उन्होंने इसे 'फलदायक' बताया और कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करना था। प्रतिनिधिमंडल में जिमी पैट्रोनिस, माइक रोजर्स और एडम स्मिथ शामिल थे।

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विदेश मंत्री ने क्या कहा?
अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक को विदेश मंत्री जयशंकर ने 'सकारात्मक संवाद' बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने बैठक की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, 'भारत-अमेरिका संबंधों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूक्रेन संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कांग्रेस के साथ संवाद हमेशा से हमारे संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।'  वहीं, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा कि बैठक में अमेरिका-भारत साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर सार्थक चर्चा हुई।
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मुश्किलों से गुजर रहा भारत-अमेरिका संबंध
भारत-अमेरिका संबंध पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रूसी तेल पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क और भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत भारी शुल्क लगाए जाने के बाद संबंधों में गिरावट आई थी। इसके अलावा भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों को खोलने की वाशिंगटन की मांगों के कारण प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अभी तक अंतिम रूप नहीं ले सका है। इसके अलावा, पिछले वर्ष मई में ट्रंप के भारत-पाकिस्तान विवाद पर बयान और अमेरिका की नई आव्रजन नीति ने भी संबंधों में तनाव बढ़ाया।

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