देश की राजधानी दिल्ली को ताज के शहर आगरा का सफर कम समय में कराने के मकसद से बनाया गया एक्सप्रेसवे खतरनाक बनता जा रहा है। इस साल के शुरुआती ढाई माह ही 32 वाहन टायर फटने से दुर्घटनाग्रस्त हो गए। 17 लोगों की असमय मौत हो गई और 33 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
सोमवार को एसएसपी गाजियाबाद धर्मेंद्र यादव की भतीजी और भांजी की भी मौत स्कॉर्पियो का टायर फटने की वजह से हुई थी। नोएडा से आगरा तक 100 मीटर चौड़ाई में बने यमुना एक्सप्रेसवे का सफर शुरू में सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब हालात जुदा हैं।
सर्दी में कोहरा इस पर काल बनता है तो गर्मी शुरू होते ही सड़क पर टायर फटने से लोगों की मौत होने का सिलसिला चल पड़ता है। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 22 मार्च तक तेज रफ्तार के चलते 32 गाड़ियों के टायर फट गए। इनमें ज्यादातर गाड़ियां टायर फटते ही असंतुलित होकर डिवाइडर और रेलिंग से टकराकर पलट गईं।
कई गाड़ियां तो एक्सप्रेसवे से नीचे भी गिरीं। 82 दिनों में 32 दुर्घटनाएं लोगों को डराने लगी हैं। 33 गंभीर रूप से घायल लोग हादसे का दर्द लेकर लौटे हैं। साल 2015 में एक्सप्रेसवे पर 57 लोग मरे थे और 590 लोग घायल हुए थे। इस बार हादसे में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।