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एक्सप्लेनर: कौन हैं केया बनर्जी? 140 किलो डेडलिफ्ट में जीता सिल्वर, फिर सोशल मीडिया पर क्यों हो रहीं ट्रोल?

Mon, 07 Sep 2026 05:11 PM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

केया बनर्जी ने 140 किलो डेडलिफ्ट उठाकर विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर देश का नाम रोशन किया। लेकिन उनकी इस कामयाबी के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। आखिर वायरल वीडियो के बाद केया को किन परेशानियों का सामना करना पड़ा?

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केया बनर्जी क्यों हो रहीं ट्रोल? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारतीय पावरलिफ्टर केया कुणाल बनर्जी ने विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर सुर्खियां बटोरीं। उनका यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, लेकिन खेल की उपलब्धि के साथ उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। केया बनर्जी कौन हैं? केया के पावरलिफ्टर बनने की क्या कहानी है? खेलों में उनकी उपलब्धियां क्या रही हैं? ताजा मामला क्या है? आइए जानते हैं।

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कौन हैं केया कुणाल बनर्जी?

केया कुणाल बनर्जी 21 साल की भारतीय पावरलिफ्टर हैं और गुरुग्राम की रहने वाली हैं। उन्होंने मनोविज्ञान में विज्ञान स्नातक की पढ़ाई की है। पावरलिफ्टिंग में उनका आना किसी तय खेल लक्ष्य का हिस्सा नहीं था। कॉलेज के दूसरे साल में वह खुद को थोड़ा परेशान महसूस कर रही थीं और जिंदगी में एक ऐसा लक्ष्य चाहती थीं, जिसके लिए वह लगातार मेहनत कर सकें। इसी दौरान उन्होंने अपनी सेहत का ध्यान रखने और खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए जिम जाना शुरू किया।

जिम में उनकी मुलाकात एक करीबी दोस्त से हुई, जो खुद पावरलिफ्टर था और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका था। उसी दोस्त से केया को पहली बार पावरलिफ्टिंग के बारे में करीब से जानने का मौका मिला। खेल को देखकर वह काफी प्रभावित हुईं और उन्होंने अपने दोस्त से उन्हें प्रशिक्षण देने का अनुरोध किया। इसके बाद धीरे-धीरे पावरलिफ्टिंग के प्रति उनकी दिलचस्पी बढ़ती गई और यह शौक उनके लिए गंभीर लक्ष्य में बदलने लगा।

केया के लिए यह सिर्फ भारी वजन उठाने का खेल नहीं था। उन्हें हर दिन अपने प्रदर्शन में सुधार करने और खुद को पहले से बेहतर बनाने का विचार पसंद आया। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी पूरी दिनचर्या को पावरलिफ्टिंग के हिसाब से ढाल लिया। उनकी नींद, खान-पान और प्रशिक्षण, सब कुछ इसी लक्ष्य का हिस्सा बन गया।

केया बनर्जी - फोटो : Amar Ujala

कैसे बढ़ता गया केया का प्रदर्शन?

पावरलिफ्टिंग शुरू करने के बाद केया ने तेजी से अपने प्रदर्शन में सुधार किया। 2025 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में उन्होंने 82.5 किलो का स्क्वाट, 47.5 किलो की बेंच प्रेस और 127.5 किलो का डेडलिफ्ट किया था। तीनों को मिलाकर उनका कुल वजन 257.5 किलो रहा।

इसके बाद उनके प्रदर्शन में और सुधार हुआ। उन्होंने 95 किलो का स्क्वाट, 52.5 किलो की बेंच प्रेस और 140 किलो का डेडलिफ्ट किया। इस बार उनका कुल प्रदर्शन 287.5 किलो रहा।

विश्व चैंपियनशिप में क्या किया?

2026 में केया ने दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में आयोजित विश्व सब-जूनियर और जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। उन्होंने जूनियर महिला 47 किलो वर्ग में मुकाबला किया।

उनका सबसे चर्चित प्रदर्शन डेडलिफ्ट में देखा गया। केया ने 140 किलो वजन उठाया, जबकि प्रतियोगिता के समय उनका शरीर का वजन सिर्फ 45.70 किलो था। यानी उन्होंने अपने वजन के तीन गुने से भी ज्यादा वजन उठाया।

इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने डेडलिफ्ट स्पर्धा में रजत पदक जीता। फ्रांस की इनेस हर्बो ने 165 किलो उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि आयरलैंड की ब्लाथनैड ओ'ड्वायर ने भी 140 किलो वजन उठाया। केया इस स्पर्धा में दूसरे स्थान पर रहीं।

पूरी प्रतियोगिता में केया ने 90 किलो का स्क्वाट और 50 किलो की बेंच प्रेस भी की। उनका कुल प्रदर्शन 280 किलो रहा और वह जूनियर महिला 47 किलो वर्ग में कुल मिलाकर पांचवें स्थान पर रहीं।

केया बनर्जी - फोटो : Amar Ujala

मुकाबले में केया का लक्ष्य क्या था?

विश्व चैंपियनशिप में 140 किलो का डेडलिफ्ट करने के बावजूद केया इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थीं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वह 147.5 किलो और 150 किलो वजन कई बार उठा चुकी थीं। 147.5 किलो एशियाई रिकॉर्ड था। केया का लक्ष्य था कि वह विश्व चैंपियनशिप के मंच पर इस रिकॉर्ड को तोड़ें।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 140 किलो उनका दूसरा प्रयास था। इसके बाद उन्होंने 142.5 किलो वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं।

केया ने कहा कि प्रतियोगिता के दिन के आंकड़े हमेशा प्रशिक्षण के आंकड़ों जैसे नहीं होते। उनके मुताबिक प्रतियोगिता में खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शन करना प्रशिक्षण से अलग होता है। पावरलिफ्टिंग में प्रतियोगिता के दौरान अधिकतम वजन उठाने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि 140 किलो उस दिन उनके और उनके कोच द्वारा तय की गई योजना की निचली सीमा में था। यानी उनकी तैयारी इससे ज्यादा वजन उठाने की थी।

केया का आगे का लक्ष्य क्या है?

केया ने बताया कि विश्व चैंपियनशिप का रजत पदक उनके लिए अप्रत्याशित उपलब्धि थी। उनका शुरुआती लक्ष्य सिर्फ विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर अनुभव हासिल करना था। अब वह भविष्य में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं। उनका लक्ष्य भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतना है।

केया का वायरल वीडियो - फोटो : Amar Ujala

केया का वीडियो क्यों हुआ वायरल?

विश्व चैंपियनशिप में केया के 140 किलो डेडलिफ्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद वह अचानक चर्चा में आ गईं। केया ने बताया कि शुरुआत में उन्हें यह सब अच्छा लगा और अपनी उपलब्धि को लेकर वह काफी खुश थीं। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए करीब दो साल तक लगातार मेहनत की थी।

लेकिन सोशल मीडिया पर जैसे-जैसे उनकी चर्चा बढ़ी, उन्हें कुछ नकारात्मक टिप्पणियों और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। केया ने कहा कि अचानक मिले इस तरह के ध्यान से वह कुछ समय के लिए परेशान और असहज हो गई थीं।

सोशल मीडिया पर किस वजह से मचा बवाल?

केया की उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा बढ़ी तो मामला सिर्फ सामान्य टिप्पणियों तक नहीं रहा। उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

उनके नाम से फर्जी खाते बनाए गए। उनकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया। उनकी जातीयता, वंश और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी परेशान करने वाली बातें की गईं। केया के मुताबिक उनके चेहरे और शरीर की तस्वीरों को बदलकर और उनमें छेड़छाड़ करके हजारों फर्जी और आपत्तिजनक एआई तस्वीरें बनाई गईं।

केया ने बताया कि यह सब सिर्फ उनके अपने अकाउंट तक सीमित नहीं रहा। उनके परिचित लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी ऐसी फर्जी तस्वीरें दिखाई देने लगीं। उन्होंने कहा कि रोज अपने और अपने परिचितों के सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरों से भरा हुआ दृश्य देखना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था।

निजी तस्वीरें कम साझा करने के बावजूद हुआ गलत इस्तेमाल

केया ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर अपनी निजी जिंदगी को लेकर काफी सतर्क रहती हैं। वह बहुत कम निजी तस्वीरें साझा करती हैं। इसके बावजूद उनकी पुरानी निजी इंस्टाग्राम प्रोफाइल, जिस पर करीब 300 लोग जुड़े हुए थे, निलंबित हो गई। इसके बाद उन्हें अपनी ऑनलाइन पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए नया अकाउंट बनाना पड़ा।

केया ने क्या कहा? - फोटो : Amar Ujala

केया ने इसे सेक्सिज्म क्यों कहा?

केया ने अपने साथ हुए इस व्यवहार को सेक्सिज्म यानी लैंगिक भेदभाव बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी पुरुष खिलाड़ी को किसी चैंपियनशिप में जीतने के बाद इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उनके मुताबिक पुरुष खिलाड़ी की उपलब्धि के बाद बातचीत उसके रूप-रंग के बजाय उसके खेल पर होती है।

केया ने कहा कि उनके मामले में सोशल मीडिया पर ज्यादातर बातचीत उनके रूप-रंग को लेकर होने लगी। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करती थी, क्योंकि उन्होंने अपने खेल में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की थी।

उनका कहना था कि उन्होंने अपने लिए और अपने खेल के लिए कुछ बड़ा हासिल किया था, लेकिन लोगों ने उनकी उपलब्धि पर बात करने के बजाय उनके रूप-रंग पर ज्यादा ध्यान दिया।

खिलाड़ियों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर क्या है नियम?

  • अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग महासंघ यानी आईपीएफ की सुरक्षा नीति में ऑनलाइन उत्पीड़न को भी शामिल किया गया है। नीति के अनुसार सोशल मीडिया समेत ऑनलाइन माध्यमों पर होने वाला उत्पीड़न और दुर्व्यवहार भी गलत आचरण के दायरे में आता है।
  • किसी खिलाड़ी को सामाजिक माध्यमों या दूसरे डिजिटल माध्यमों से डराना, परेशान करना, धमकाना या अपमानित करना साइबर बुलिंग के दायरे में आ सकता है।
  • खिलाड़ी के लिंग या लैंगिक अभिव्यक्ति के आधार पर अपमानजनक या भेदभावपूर्ण व्यवहार को भी उत्पीड़न के दायरे में रखा गया है।
  • किसी खिलाड़ी को अश्लील या यौन प्रकृति के संदेश या तस्वीरें भेजना भी सुरक्षा नीति के तहत प्रतिबंधित है। खिलाड़ी से नग्न या आंशिक रूप से नग्न तस्वीर मांगना या उसे ऐसी सामग्री भेजना भी नीति में यौन दुर्व्यवहार के उदाहरणों में शामिल है।
  • अगर किसी खिलाड़ी के साथ ऐसा व्यवहार होता है या कोई व्यक्ति ऐसी घटना देखता है, तो आईपीएफ में शिकायत की जा सकती है। शिकायत के साथ तस्वीर, वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी दिए जा सकते हैं।
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भारत में साइबर बुलिंग को लेकर क्या हैं नियम?

भारत में साइबर बुलिंग के लिए कोई एक अलग कानून नहीं है। लेकिन किसी को ऑनलाइन परेशान करना, धमकाना, उसकी पहचान का गलत इस्तेमाल करना, निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना या अश्लील और यौन सामग्री फैलाना अलग-अलग कानूनों और नियमों के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है।

फर्जी खाते और पहचान का गलत इस्तेमाल
अगर किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी खाता बनाया जाता है या ऑनलाइन किसी और बनकर धोखा दिया जाता है, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत कार्रवाई हो सकती है।

निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल
किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरों या निजी जानकारी का गलत तरीके से इस्तेमाल होने पर आईटी अधिनियम की धारा 66ई लागू हो सकती है। अश्लील या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित करने पर धारा 67 और 67ए के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है।

एआई से बनाई गई फर्जी तस्वीरों पर भी नियम
2026 में सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में बदलाव कर कृत्रिम रूप से बनाई गई सामग्री यानी एआई से तैयार सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक रूप से किसी की पहचान की नकल करने वाली सामग्री को नियमों के दायरे में शामिल किया है।

ऐसी तस्वीर की शिकायत पर दो घंटे में कार्रवाई
अगर किसी व्यक्ति की नग्नता, निजी अंग, यौन गतिविधि या उसकी पहचान की नकल करके बनाई गई कृत्रिम तस्वीर, जिसमें मॉर्फ की गई तस्वीर भी शामिल है, की शिकायत की जाती है तो संबंधित मंच को दो घंटे के भीतर उस सामग्री को हटाने या उसकी पहुंच रोकने के लिए उचित कदम उठाने होते हैं। यह प्रावधान 20 फरवरी 2026 से लागू संशोधित नियमों में शामिल है। हालांकि दो घंटे की समय-सीमा हर तरह की ऑनलाइन ट्रोलिंग या साइबर बुलिंग पर लागू नहीं होती। यह खास श्रेणी की सामग्री और शिकायतों के लिए है।

प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी
सोशल मीडिया मंचों को गैरकानूनी और नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री को रोकने के लिए उचित तकनीकी उपाय करने होते हैं। 2026 के संशोधनों के बाद एआई से बनाई गई गैरकानूनी सामग्री को बनाने, साझा करने या फैलाने से रोकने के लिए भी तकनीकी उपायों पर जोर दिया गया है।

ऐसे मामलों में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। साइबर अपराध से जुड़ी सहायता के लिए 1930 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।
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