पूर्णिया में रैली के दौरान अमित शाह
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अमित शाह के इस दौरे का पूरा कार्यक्रम क्या है?
अपने दौरे के पहले दिन अमित शाह बिहार के सीमांचल इलाके में रहेंगे। इस इलाके में कटिहार, अररिया, पूर्णिया और किशनगंज जिले आते हैं। शुक्रवार को अमित शाह ने पूर्णिया में ‘जन भावना महासभा’ को संबोधित किया। शाम को उनका किशनगंज में भाजपा के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक का कार्यक्रम है। किशनगंज में ही शाह भाजपा राज्य कोर कमेटी की बैठक में भी शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दूसरे दिन शनिवार सुबह को गृह मंत्री किशनगंज के सुभाषपल्ली चौक स्थित बुधी काली माता मंदिर जाएंगे।
इसके बाद वह फतेहपुर सीमा चौकी का दौरा करेंगे। यहां गृह मंत्री सशस्त्र सीमा बल (SSB) परिसर में फतेहपुर, पेकाटोला, बेरिया, अमगाछी और रानीगंज के बीओपी भवनों का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद गृह मंत्री किशनगंज स्थित BSF परिसर में BSF, SSB और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा का जायजा लेंगे।
शनिवार दोपहर गृह मंत्री किशनगंज की माता गुजरी विश्वविद्यालय में ‘सुंदर सुभूमि’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इन दो दिनों के दौरान अमित शाह 2024 लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का चुनावी बिगुल फूंकने का काम करेंगे।
पूर्णिया में रैली के दौरान अमित शाह
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सीमांचल में मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है?
2019 के लोकसभा चुनाव में इन चार जिलों की चार लोकसभा सीटों में से दो पर जदयू, एक पर कांग्रेस और एक पर भाजपा को जीत मिली थी। अररिया सीट पर भाजपा के प्रदीप सिंह जीते थे। तो किशनगंज सीट से कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने जीत दर्ज की थी। वहीं, कटिहार से जदयू के दुलाल चंद गोस्वामी और पूर्णिया से जदयू के ही संतोष कुमार जीते थे। सीमांचल के इन चार जिलों में कुल 24 विधानसभा सीटें आती हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में इन 24 में से आठ सीटों पर भाजपा, पांच-पांच सीटें कांग्रेस और एआईएमआईएम, चार सीटें जदयू, एक-एक सीट राजद और सीपीआईएमएल ने जीती थी। एआईएमआईएम के पांच में से चार विधायक अब राजद में आ चुके हैं।
तेजप्रताप यादव, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव।
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शाह के दौरे पर विपक्ष का क्या कहना है?
अमित शाह के दौरे पर बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि अमित शाह जी अगर आ रहे हैं तो बताइये कि विशेष राज्य का दर्जा देंगे कि नहीं देंगे? विशेष पैकेज देंगे या नहीं? उनके आने का मकसद है, ‘समाज में जहर घोलना। एक-दूसरे में झंझट पैदा करना, मुसलमानों के खिलाफ बोलेंगे, हिन्दुओं को भड़काएंगे।’ वहीं, राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने बिहार के लोगों को अमित शाह के दौरे से सतर्क रहने के लिए कहा है।
इस दौरे के क्या सियासी मायने निकाले जा रहे हैं?
सीमांचल बिहार का वो इलाका है जहां मुस्लिम आबादी की बहुलता है। नेपाल-पश्चिम बंगाल और झारखंड से सटे इस इलाके में मुस्लिम आबादी करीब 46 फीसदी है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि भाजपा के इस इलाके में पटखनी मिलती रही है। अमित शाह इस दौरे से अपने कमजोर पक्ष को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मुस्लिम बहुल इलाके में जदयू और राजद की पकड़ रही है। दोनों के साथ आने के बाद इस इलाके में महागठबंधन को फायदा मिलने की उम्मीद है। दावा किया जाता है कि इस इलाके में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की समस्या बहुत ज्यादा है। विश्लेषक कहते हैं कि अमित शाह का ये दौरा महागठबंन के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश है।