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Violence Against Doctors: विशेषज्ञों ने कहा- भारत में स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामले नहीं होते दर्ज

Fri, 09 Sep 2022 05:59 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ होने वाले सभी अपराधिक मामले दर्ज नहीं होते हैं जिसके चलते वास्तविक घटनाओं के सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं हो पाते।
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महामारी के वक्त बढ़े डॉक्टरों पर हमले (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोरोना के दौरान 2020 में लॉकडाउन और उसके ठीक अगले वर्ष दूसरी लहर में भारत के डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमले की कई घटनाएं सामने आईं। द लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक लेख के अनुसार भारत में साल 2020 के दौरान अस्पतालों में 225 जूनियर डॉक्टर या फिर किसी अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी के साथ मारपीट की घटनाएं हुईं।

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इसी तरह 2021 में 110 घटनाएं अलग अलग अस्पतालों में हुईं। यह वही समय है जब देश में स्वास्थ्य कर्मचारी अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर महामारी से लड़ाई लड़ रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ होने वाले सभी अपराधिक मामले दर्ज नहीं होते हैं जिसके चलते वास्तविक घटनाओं के सही आंकड़े सार्वजनिक नहीं हो पाते। पुणे स्थित एसोसिएशन फॉर सोशली एप्लीकेबल रिसर्च (एएसएआर) की आत्मिका नैरो और सिद्धेश जादे ने कहा, स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा को लेकर दक्षिण पूर्वी एशिया में नेपाल ने सख्त कानून लाकर एक मिसाल कायम की है जबकि नेपाल में में ऐसी घटनाएं भारत की तुलना में बेहद कम हैं। साल 2007 से 2019 तक, भारत में स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हिंसक हमलों की 153 घटनाएं हुईं थीं।

विधेयक को गृह मंत्रालय ने खारिज किया
स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साल 2019 में ‘द हेल्थ केयर सर्विस पर्सनेल एंड क्लिनिकल एस्टॅब्लिशमेंट (हिंसा और संपत्ति को नुकसान का निषेध) विधेयक (2019)’ नामक एक केंद्रीय विधेयक का प्रस्ताव किया जिसके तहत 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह से सात वर्ष तक कारावास का प्रावधान है। गंभीर चोट के मामले में सजा तीन से 10 साल और दो से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी है जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए अपने पेशे के आधार पर विशेष सुरक्षा की मांग करने के लिए यह एक अनुचित मिसाल कायम करेगा।    
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एक दिन में कोरोना के 6614 नए मरीज
करीब सप्ताहभर बाद फिर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। बीते दिन नए मामलों में 20 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में गुरुवार को कोरोना के 6,614 नए मामले सामने आए हैं जो बुधवार की तुलना में करीब 1200 से ज्यादा हैं। सात सितंबर को 5,379 केस दर्ज किए गए थे। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 6,614 मरीज ठीक भी हुए हैं। 33 लोगों की जान भी गई है। मृतकों में सबसे ज्यादा 14 लोग केरल के थे।

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