जिस तरह देश में कोविड के मामलों में लगातार कमी दर्ज हो रही है उससे नेशनल कोविड टास्क फोर्स और आईसीएमआर समेत तमाम एजेंसियां अपने आने वाले दिनों की योजनाओं पर काम करने लगी हैं। टास्क फोर्स से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है जैसे ही देश में केस 20 से 25 हजार के करीब पहुंच जाएंगे और देश की तकरीबन 35 फ़ीसदी आबादी को टीका लग जाएगा तो हम लोग भी मास्क हटाने वाली स्थिति में आ जाएंगे।
देश में मंगलवार को बीते दो महीने में कोविड के मरीजों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया। मंगलवार को ही नेशनल कोविड टास्क फोर्स और आईसीएमआर समेत देश की तमाम शोध करने वाली और कोरोना पर नजर रखने वाली एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में तमाम अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। देश में लगातार कम हो रहे कोरोना के मामले और उसके बाद बनाई जाने वाली रणनीति पर भी विशेषज्ञ ने चर्चा की।
नेशनल टास्क फोर्स कमेटी से जुड़े डॉक्टर एनके अरोड़ा कहते हैं कि लगातार केसों में कमी एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन हमें अभी भी कोरोना से बचने के लिए तैयार किए गए प्रोटोकॉल का पूरा पालन करना होगा तभी यह संख्या और नीचे आ पाएगी। डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं जैसे ही या संख्या 20 से 25 हजार के करीब पहुंचेगी हमारे देश में भी बहुत कुछ रियायतें पश्चिमी मुल्कों की तरह दी जाने लगेंगी। इन रियायतों में मास्क न पहनने जैसी छूट भी शामिल हो सकती है।
हालांकि डॉक्टर अरोड़ा का कहना है इसके लिए सिर्फ केसों का कम होना ही जरूरी नहीं है बल्कि ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण होना भी अति आवश्यक है। देश में कोरोना टीकाकरण की पूरी व्यवस्था पर नजर रखने वाले डॉक्टर अरोड़ा कहते हैं कि बहुत जल्द कि टीकाकरण की गति और तेज हो जाएगी। वह कहते हैं देश के तकरीबन 35 फीसदी आबादी को टीके की दो दोनों डोज लगाने के बाद और कोरोना के केस कम होने के दौरान मास्क न लगाने की भी छूट दी जा सकती है।
इसके अलावा और भी बहुत सारी ऐसी छूट जो पश्चिमी देशों में अधिक से अधिक टीकाकरण और लगातार कम हो रहे केसों के दौरान दी जा रही है वह अपने देश में भी लागू हो जाएंगी। मंगलवार को आयोजित हुई वर्चुअल बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी जाने वाली वैक्सीन सुविधा और उसकी मॉनिटरिंग पर भी चर्चा की।