महाराष्ट्र में मंत्रिपरिषद का विस्तार आखिरकार कर दिया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बीच कई दिनों से चल रही मैराथन बैठकों के बीच शुक्रवार को विभागों का बंटवारा कर दिया गया।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, अजित पवार के आठ सहयोगियों को भी विभाग आवंटित कर दिए गए हैं, जिन्होंने दो जुलाई को मंत्री के रूप में शपथ ली थी। अदिति तटकरे के सरकार में शामिल होने के साथ पहली बार किसी महिला विधायक को एकनाथ शिंदे नीत सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद मिला है। राकांपा के नौ नेताओं के शामिल होने के बाद महाराष्ट्र सरकार में अब 28 कैबिनेट मंत्री हैं, लेकिन कोई राज्य मंत्री नहीं हैं। मंत्रिमंडल में अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं।
अजित समेत नौ एनसीपी नेताओं को मिले यह विभाग
- अजित पवार को वित्त और योजना विभाग
- छगल भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग
- दिलीप वाल्से पाटिल को सहकारिता
- अदिति तटकरे को महिला और बाल विकास मंत्रालय
- धनंजय मुंडे को कृषि मंत्रालय
- हसन मुशरीफ को स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालय
- अनिल पाटिल को राहत और पुनर्वास, आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है।
- धर्मराव बाबा आत्राम को खाद्य एवं औषधि मंत्रालय
- संजय बनसोडे को खेल और युवा कल्याण विभाग
जिस मुद्दे पर बगावत की, उसी को मानना पड़ा
इससे पहले शिंदे नीत शिवसेना के विधायकों ने अजित पवार को वित्त और योजना विभाग दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। बता दें कि एक साल पहले जब शिंदे गुट ने उद्धव से बगावत की थी उस वक्त उनके सबसे बड़े आरोपों में एक आरोप अजित पवार पर था। बागी विधायकों का कहना था कि अजित उद्धव सरकार के वित्त मंत्री है और वह सिर्फ एनसीपी विधायकों को वित्त जारी करते हैं। आरोप था कि वह शिवसेना के विधायकों के काम को तरजीह नहीं देते थे।
अब्दुल सत्तार का भी मंत्रालय बदला
विभाग आवंटन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता दिलीप वाल्से पाटिल को सहकारिता मंत्रालय दिया गया है। यह पहले भाजपा के अतुल सावे के पास था। राकांपा नेता धनंजय मुंडे को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पहले एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के अब्दुल सत्तार के पास था। अब्दुल सत्तार अब कृषि मंत्री की जगह अल्पसंख्यक विकास और विपणन मंत्री होंगे।
मुख्यमंत्री शिंदे ने खुद पांच मंत्रालय छोड़े
मुख्यमंत्री शिंदे ने खुद पांच मंत्रालय छोड़े हैं, जिनमें लोक निर्माण विभाग, विपणन, आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास, मृदा तथा जल संरक्षण और अल्पसंख्यक विकास विभाग हैं। लोक निर्माण विभाग का प्रभार शिवसेना के दादा भुसे को दिया गया। वहीं, मृदा तथा जल संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी संजय राठौड़ के पास होगी। संजय राठौड़ इससे पहले खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग देख रहे थे। इसका प्रभार अब राकांपा के धर्मराव बाबा अत्राम को सौंपा गया है।
भाजपा नेता लोढ़ा से दो मंत्रालय लिए गए
छगन भुजबल को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेता मंगल प्रभात लोढ़ा के पास तीन विभागों की जिम्मेदारी थी, जिनमें महिला और बाल विकास, पर्यटन और कौशल एवं उद्यमिता हैं। इनमें से महिला और बाल विकास विभाग राकांपा की अदिति तटकरे को दिया गया है, वहीं पर्यटन मंत्री के रूप में भाजपा के गिरीश महाजन काम करेंगे। वह कौशल एवं उद्यमिता विभाग का काम देखते रहेंगे।
ये बदलाव भी किए गए
शिवसेना के दादा भुसे लोक निर्माण विभाग का कामकाज देखेंगे, जो पहले मुख्यमंत्री शिंदे के पास था। भुसे पहले पत्तन विकास विभाग का काम देख रहे थे, जिसे अब राकांपा नेता संजय बनसोडे को दिया गया है। बनसोडे खेल और युवा मामलों के विभाग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। राकांपा नेता अनिल पाटिल अब राज्य के राहत, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री होंगे। भाजपा नेता अतुल सावे अब आवास विकास मंत्री के रूप में सरकार में काम करेंगे। उनके पास पहले अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य पिछड़ा कल्याण तथा सहकारिता विभाग का प्रभार था।
फडणवीस ने वित्त और योजना मंत्रालय छोड़ा
फडणवीस ने वित्त और योजना मंत्रालय की जिम्मेदारी छोड़ी है, जिसे अब अजित पवार संभालेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस के पास गृह, ऊर्जा, जल संसाधन, विधि और न्यायपालिका जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहेंगे। लोक निर्माण विभाग और खाद्य तथा नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालयों का कामकाज देख रहे भाजपा नेता रवींद्र चव्हाण के पास अब केवल लोक निर्माण विभाग मंत्रालय (सार्वजनिक उपक्रमों के अतिरिक्त) बचा है।
हसन मुशरिफ को मिली यह जिम्मेदारी
ग्रामीण विकास और पंचायत राज तथा चिकित्सा शिक्षा जैसे दो महत्वपूर्ण मंत्रालय पहले फडणवीस के करीबी सहयोगी गिरीश महाजन के पास थे। विभाग वितरण में राकांपा नेता हसन मुशरिफ को चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय दिया गया है। मुशरिफ महा विकास आघाड़ी सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे।