वहीं मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार भी अब मॉब लिंचिंग का डाटा अलग से रखने की तैयारी कर रही है। सरकार जल्द ही 2017 के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो में इसे शामिल करेगी और जल्द ही इसका ऐलान भी करेगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जुलाई 2017 से सरकार के पास यह प्रस्ताव लंबित था।
जान मोहम्मद ने बताया कि मॉब लिंचिंग को लेकर एनसीआरबी का डेटा अलग से बनाने को लेकर कुछ होने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी है कि ऐसी घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगे। सरकार को चाहिए कि वह इस कानून बना कर लाए और इसे सख्ती से लागू करे।
गौरतलब है कि दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश में दादरी के बिलाहदा गांव में गौमांस के नाम पर उग्र भीड़ ने वायुसेना कर्मी के 50 वर्षीय पिता की पीट-पीटकर इसलिए हत्या कर दी। मोहम्मद अखलाक और उसके बेटे को गांववाले घर से बाहर घसीटकर लाए और उन्हें ईंटों से जमकर पीटा, जिसके बाद अखलाक की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था।