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Kolkata Case: CBI ने शुरुआती जांच में कहा- सांठगांठ में शामिल थे संदीप घोष, वित्तीय अनियमितताओं का उठाया फायदा

Sat, 07 Sep 2024 10:04 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

Kolkata Case: अधिकारी ने बताया कि आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष ने वित्तीय अनियमितताओं और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर गलत लाभ हासिल किया, सीबीआई की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है। उन्होने बताया कि घोष ने अपने सुरक्षा गार्ड की पत्नी की संस्था को अनुबंध दिया और मुर्शिदाबाद के विक्रेताओं को कोलकाता लाकर प्राथमिकता दी।
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नेशनल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से हटाए गए डॉ. संदीप घोष। - फोटो : PTI
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विस्तार
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष अन्य सह-आरोपियों के साथ वित्तीय अनियमितताओं की गतिविधियों में शामिल थे और उन्होंने गलत तरीके से लाभ हासिल किया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की शुरुआती जांच के नतीजों में यह जानकारी निकलकर सामने आई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही। 

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घोष 2016 से 2018 तक मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तैनात थे। इसके बाद उन्हें कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भेजा गया था, जहां वे फरवरी 2021 तक तैनात रहे। इसके बाद उन्होंने आरजी कर अस्पताल का कार्यभार संभाला। 

अधिकारी ने कहा, सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घोष ने अपने सुरक्षा गार्ड की पत्नी की संस्था को अस्पताल के अंदर एक कैफे का अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) दिया। ये दोनों मुर्शिदाबाद में दुकानदार थे। घोष जब आरजी कर अस्पताल के प्राचार्य बने तो वे उन्हें कोलकाता लाए। उन्हें अस्पताल के लिए सामान की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, जांच में यह भी सामने आया है कि घोष और अन्य सह-आरोपियों आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिससे उन्होंने लाभ हासिल किया। अधिकारी ने बताया कि सीबीआई घोष के सुरक्षा गार्ड की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। सुरक्षाा ही विक्रेताओं से संपर्क कर अस्पतल का बायोमेडिकल कचरा बेचता था। 
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संदीप घोष के दो और फ्लैटों का पता चला, गैरेज से कार बरामद
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में कोलकाता में घोष के एक बंगले और दो और फ्लैट की जानकारी सामने आई है। ये दोनों फ्लैट घोष के बेलाघाटा स्थित घर के पास हैं, जहां वह रहते हैं। एक फ्लैट के गैराज में एक नई गाड़ी भी मिली है। हाईकोर्ट के आदेश पर आरजी कर अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने घोष के बेलाघाट स्थित घर पर पिछले दिनों छापा मारा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी उनके घर की तलाशी ले चुका है। सूत्रों ने बताया कि कैनिन में घोष का बंगला है, जबकि बेलघाटा आईडी अस्पताल के पास एक अपार्टमेंट में दोनों फ्लैट हैं। अपार्टमेंट के केयरटेकर ने घोष के दो फ्लैट होने की पुष्टि भी की है। ग्राउंड फ्लोर पर एक फ्लैट संदीप ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करते थे। तीसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट में उनका आना-जाना बहुत कम था। अपार्टमेंट की पार्किंग में एक नई एसयूवी खड़ी है, जो तीन से चार महीने पहले खरीदी गई है। घोष कभी-कभार इसकी सवारी करते थे। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों फ्लैट्स पर घोष का नाम या पहचान का कोई निशान नहीं है, हालांकि कार पर मेडिकल कॉलेज के कई बैज लगे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांचकर्ताओं का मानना है कि पहचान छिपाने के लिए घोष ने इन फ्लैट्स पर अपना नाम नहीं लिखा। ये फ्लैट्स घोष के घर बालाजी निवास से पैदल दूरी पर हैं। 

आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस  
पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल ने स्वास्थ्य सुविधा में वित्तीय अनियमितताओं में कथित संलिप्तता को लेकर आरजी कर अस्पताल के गिरफ्तार पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि घोष को दिया गया 'कारण बताओ नोटिस' काउंसिल द्वारा उनके मेडिकल पंजीकरण को रद्द करने पर कोई निर्णय लेने से पहले उठाया गया कदम है। उन्होंने बताया कि इस नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें तीन दिन का समय दिया है। गौरतलब है कि संदीप घोष इस समय सीबीआई की गिरफ्त में हैं।

जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दुर्गा पूजा की तैयारियां
आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और हत्या के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच दुर्गा पूजा की तैयारियां धूमधाम से जारी हैं। कुछ लोग इस साल दुर्गा पूजा समारोह न करने की पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि विरोध तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक पीड़िता को सच्चा न्याय नहीं मिल जाता। दुर्गा पूजा उत्सव 9 अक्तूबर से शउरू होने वाला है। 

सोदेपुर में 'वीमेन रिक्लम द नाइट' अभियान की प्रमुख देबलीना डे ने कहा, हत्यारों को सजा दिलाने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। अगर इससे पूजा की तैयारियों और खरीददारी पर असर पड़ता है, तो यह सही है। हमारी बहन को न्याय मिलने से पहले पूजा के विषय पर चर्चा करना सही नहीं है। 

वहीं, 'फोरम फॉर दुर्गोत्सव' के पदाधिकारी पार्थ घोष ने कहा, पूजा की तैयारियां नहीं रुकेंगी। दुर्गा पूजा बंगाली संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और हम इस साल भी इसे मनाएंगे। उन्होंने कहा कि शिव मंदिर पूजा समिति के लिए इस साल जल्द ही थीम घोषित की जाएगी। 
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