सीबीआई की एक विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व प्रबंधक को सात साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है। पीएनबी की सिकंदराबाद शाखा के पूर्व प्रबंधक एस बोरा सत्य राव को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया। विशेष अदालत ने राव पर 25 लाख का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने सरकारी खजाने में 1,34,56,644 रुपये जमा कराने को कहा है। इसमें नाकाम रहने पर राव की अचल संपत्ति नीलाम करने का आदेश दिया गया है।
सीबीआई ने 25 जुलाई 2011 को राव के खिलाफ केस दर्ज किया था। राव पर अप्रैल 2005 से जनवरी 2008 के दौरान आय से अधिक संपत्ति बनाने का आरोप था।
जांच के दौरान सीबीआई ने राव की अकूत संपत्ति का पता लगाया। इसमें राव, उनकी पत्नी, परिवार के सदस्यों के नाम पर एफडी जैसी चल और बेनामी अचल संपत्ति शामिल थी। सीबीआई की ओर से 29 जून, 2013 को दायर चार्जशीट में कहा गया कि राव ने अपनी आय 76,53,076 रुपये के मुकाबले 1,44,64,649 रुपये की संपत्ति बनाई। अदालत में ट्रायल के दौरान 44 लोगों ने गवाही दी। वहीं कोर्ट में 305 दस्तावेज पेश किए गए।