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ममता को एक और झटका: पूर्व मंत्री जेपी मलिक ने छोड़ी पार्टी; TMC में दरार के बीच दीदी ने दिया था अहम जिम्मा

Fri, 19 Jun 2026 01:25 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी ज्योतिप्रिय मलिक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाल ही में उन्हें पार्टी की नई वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया था। 
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ममता बनर्जी और ज्योति प्रिया मल्लिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी राजनीतिक उठापटक के बीच शुक्रवार को पार्टी को दो और बड़े झटके लगे। पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, जबकि वरिष्ठ नेता और सिलिगुड़ी के महापौर गौतम देव ने भी अपना पद छोड़ दिया। दोनों घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी में लगातार इस्तीफों और असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।

ज्योतिप्रिय मलिक ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति काफी खराब हुई है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अब उनके लिए पार्टी की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि अपने फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी है।

मलिक तृणमूल कांग्रेस के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में रहे हैं। वह पांच बार विधायक चुने गए और ममता बनर्जी सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री तथा बाद में वन मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल ही में पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन में उन्हें फिर से कार्यसमिति में शामिल किया गया था।

उनका राजनीतिक सफर वर्ष 2023 में उस समय विवादों में आ गया था, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित राशन वितरण घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। करीब 15 महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जनवरी 2025 में जमानत मिली। इसके बावजूद पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाया, लेकिन हाबरा सीट पर उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवदास मंडल से 31 हजार से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा। मलिक ने इस्तीफे के बाद कहा कि उनकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोई शिकायत या मतभेद नहीं है और उनका फैसला पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लिया गया है।

इसी बीच, उत्तर बंगाल के प्रमुख तृणमूल नेता गौतम देव ने सिलिगुड़ी नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने नगर निगम आयुक्त को अपना त्यागपत्र सौंपने के साथ ही सरकारी वाहन और सुरक्षा सुविधा भी वापस कर दी है।गौतम देव से पहले कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम, बिधाननगर की पूर्व महापौर कृष्णा चक्रवर्ती और गोरखा प्रादेशिक प्रशासन के मुख्य कार्यकारी अनित थापा भी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। राज्य के विभिन्न नगर निकायों और पंचायतों में भी कई पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियां छोड़ दी हैं।

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ED की गिरफ्तारी से लगा राजनीतिक झटका 
हालांकि ऐसा नहीं रहा कि मल्लिक को कभी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा। अक्टूबर 2023 में कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके राजनीतिक करियर को बड़ा झटका लगा था। गिरफ्तारी के बाद मल्लिक ने बार-बार स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला दिया और हिरासत में रहते हुए चिकित्सकीय जांच करवाई। अब उनके इस्तीफे के बाद से ही चर्चाएं तेज है। 

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