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तमिलनाडु पर 10 लाख करोड़ का कर्ज: अन्नामलाई बोले- श्वेत पत्र ने खोल दी पिछले पांच साल की पोल

Fri, 19 Jun 2026 01:00 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, चेन्नई

सार

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने TVK सरकार द्वारा जारी तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति संबंधी श्वेत पत्र को राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन का दस्तावेज बताया है। उन्होंने बढ़ते कर्ज, घटते कर राजस्व, सार्वजनिक उपक्रमों पर बढ़ते वित्तीय बोझ और घटती कामकाजी आबादी को गंभीर चिंता का विषय बताया है।  
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के. अन्नामलाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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'वी द लीडर्स मूवमेंट' के संस्थापक और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने तमिलगा वेत्री कड़गम सरकार द्वारा जारी तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति संबंधी श्वेत पत्र को राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन का 'पोस्टमॉर्टम' करार दिया है।

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'श्वेत पत्र ने उजागर की वित्तीय गिरावट की तस्वीर'
'वी द लीडर्स मूवमेंट' के संस्थापक अन्नामलाई ने एक्स पर जारी बयान में कहा, "मैंने तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति पर तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार द्वारा जारी 'व्हाइट पेपर' (श्वेत पत्र) को देखने के लिए कुछ समय निकाला। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि ज्यादातर बातें पहले से ही पता थीं। कई मायनों में, यह पिछले पांच वर्षों में राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन का 'पोस्टमॉर्टम' है। यह गिरावट के स्तर को उजागर करता है और तमिलनाडु के प्रमुख वित्तीय संकेतकों की तुलना अन्य समान औद्योगिक राज्यों से करता है।"

कर्ज, ब्याज और घटते राजस्व पर उठाए सवाल
अन्नामलाई ने कहा, '10 लाख करोड़ रुपये का बकाया कर्ज और प्रति व्यक्ति बकाया कर्ज 1,28,934 रुपये है। कुल राजस्व प्राप्ति का 22.8 प्रतिशत हिस्सा ब्याज भुगतान में जा रहा है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के मुकाबले राज्य के अपने कर राजस्व का अनुपात 2021-22 में 5.93 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 5.45 प्रतिशत हो गया है। बिजली, परिवहन और नागरिक आपूर्ति क्षेत्रों में राज्य के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर कुल 3.18 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सिस्टम में भ्रष्टाचार, रियल एस्टेट की कीमतों को कम दिखाकर रजिस्ट्रेशन से होने वाले राजस्व में कमी और ऐसी ही कई वजहों से राजस्व का नुकसान हुआ है।' 
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घटती कामकाजी आबादी को बताया गंभीर चुनौती
पूर्व भाजपा नेता अन्नामलाई ने आगे कहा, '2031 तक तमिलनाडु में कामकाजी आयु वर्ग (वर्किंग-एज पॉपुलेशन) की आबादी कम हो रही है, जिससे राज्य के पास अपने राजस्व आधार को सुधारने और मजबूत करने के लिए बहुत कम समय बचा है। यह एक गंभीर मुद्दा है! इसलिए, TVK सरकार के पास बहुत कम समय है। उसे इस व्हाइट पेपर को काम न कर पाने के बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, बल्कि हुए नुकसान को ठीक करने के तरीके खोजने चाहिए।'

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संकट से उबरने के लिए विशेषज्ञ समूह बनाने की सलाह
अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार को सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा, 'मेरा सुझाव है कि सरकार एक 'कार्यशील परामर्श समूह' बनाए। इसमें न केवल शिक्षाविद और अर्थशास्त्री शामिल हों, बल्कि सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी हों, ताकि मौजूदा संकट को कम करने के लिए रचनात्मक तरीके खोजे जा सकें।'

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