तेलंगाना हाई कोर्ट के एक आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने अनुचित करार देते हुए रद्द कर दिया। आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी की हत्या की जांच कर रही सीबीआई को निर्देश दिए थे। कोर्ट ने एजेंसी से कहा था कि लोकसभा सांसद अविनाश रेड्डी को अग्रिम एक लिखित प्रश्नावली उपलब्ध कराने के लिए आदेश दिए थे। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया है। बता दें, अविनाश, पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी के भतीजे और सीएम जगनमोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।
सीबीआई ने दिखाया संयम
लिखित जांच प्रभावित कर सकती है
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा था कि 19 से 25 अप्रैल के बीच अविनाश रेड्डी सीबीआई ऑफिस पेश हों और सवाल-जवाब लिखित रूप से करें और एक प्रश्नावली भी सौंपी जाए। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के आरोप में ऐसी जांच निष्प्रभावी होती है। हाईकोर्ट संदिग्ध जांच लिखित रूप में करने का आदेश नहीं दे सकती। अविनाश को प्रश्नावली देना जांच प्रभावित कर सकती है, वह भी तब जब सीबीआई कई आरोपियों का पता लगा रही है। हाईकोर्ट का आदेश अनुचित था।
बेटी ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी याचिका
2020 में सीबीआई को सौंपा मामला
आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाई विवेकानंद की हत्या 2019 विधानसभा चुनाव से पहले 15 मार्च की रात को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या हुई थी। मामले की जांच एक एसआईटी द्वारा की जा रही थी लेकिन, जुलाई 2020 में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था।