एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मलिक कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की मुंबई संपत्तियों से संबंधित वित्तीय हेराफेरी के मामले में जेल में बंद थे, उनको सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर दो महीने की अंतरिम जमानत दी।
मलिक गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे
चूंकि प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत का विरोध नहीं किया, इसलिए नवाब मलिक की जमानत का रास्ता साफ हो गया। नवाब मलिक 17 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे। न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि मलिक गुर्दे की बीमारी और अन्य बीमारियों के कारण अस्पताल में हैं। हम चिकित्सा शर्तों पर सख्ती से आदेश पारित कर रहे हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कर दिया जमानत से इनकार
एनसीपी नेता मलिक ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किए जा रहे मामले में चिकित्सा आधार पर जमानत देने से इनकार करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के 13 जुलाई के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था। मलिक ने हाईकोर्ट से राहत की मांग करते हुए दावा किया था कि वह कई अन्य बीमारियों के अलावा क्रोनिक किडनी रोग से पीड़ित है। उन्होंने योग्यता के आधार पर जमानत की भी मांग की।
न्यायिक हिरासत में है एनसीपी नेता
बता दें कि ईडी ने नवाब मलिक को फरवरी 2022 में भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की कथित गतिविधियों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। मलिक के वकील अमित देसाई ने तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल का स्वास्थ्य पिछले आठ महीनों से बिगड़ रहा था और वह क्रोनिक किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं।