अरूणाचल प्रदेश केपूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल की पत्नी दांगविमसाई पुल ने सुप्रीम कोर्ट ने अपनी उस याचिका को वापस ले लिया है जिसमें उन्होंने पति द्वारा लिखे गए नोट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने और जांच कराने की गुहार की थी। गत नौ अगस्त को कालिखो पुल ने खुदकुशी को कर ली थी।
मालूम हो कि दांगविमसाई ने पति द्वारा हिन्दी में लिखे 60 पन्नों केनोट का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था। इस नोट में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जजों, वरिष्ठ लॉ ऑफिसर, राजनेता समेत उच्च पदों पर आसीन कुछ लोगों पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने पत्र को याचिका में तब्दील कर दिया था।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ के समक्ष दांगविमसाई की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि वह इस मामले में न्यायिक आदेश नहीं चाहते हैं, लिहाजा वह याचिका वापस लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि इस मसले का हल प्रशासनिक तरीके से हो। इस पर पीठ ने कहा कि चीफ जस्टिस केआदेश केबाद इस याचिका पर सुनवाई तय की गई थी।
चूंकि इसमें कई राजनीतिक लोगों पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रपति पर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए मामला जनहित से जुड़ा है। हालांकि पीठ ने कहा कि हम इस मसले में नहीं जाना चाहते क्योंकि याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने का आग्रह किया है। पीठ ने दांगविमसाई को याचिका वापस करने की इजाजत दे दी।
करीब 25 मिनट तक चली सुनवाई में वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि वह पत्र को न्यायिक तरीके से निपटाने के लिए सुनवाई नहीं चाहते हैं। उन्होंने पीठ से कहा कि अगर सुनवाई होगी तो वह सुनवाई में हिस्सा नहीं लेना चाहते। हम जानना चाहते हैं कि आखिर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने इस मामले को कोर्ट नंबर-13 में क्यों भेजा। किसी और कोर्ट में इसे भेजा जा सकता था। उन्होंने पीठ से कहा कि यह संवेदनशील मामला है लिहाजा आपको इस पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए।