सीआईएसएफ के डीजी प्रवीर रंजन ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में शामिल करने के लिए गृह मंत्रालय नीति बनाएगा और समिति विस्तृत योजना तैयार कर रही है। इसमें यह तय होगा कि उन्हें किस अनुपात में और कहां तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र जल्द तटीय वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शुरू करेगा। पढ़िए रिपोर्ट-
सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि गृह मंत्रालय पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में शामिल करेगा। सीआईएसएफ ने इसकी व्यापक नीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन भी किया है, जो कार्य योजना तैयार कर मंत्रालय के समक्ष पेश करेगी।
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डीजी रंजन ने कहा, यह गृह मंत्रालय का नीतिगत मामला है। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के परामर्श से किया जाएगा। मंत्रालय एक उचित नीति तैयार करेगा, जिसका हम सभी पालन करेंगे। रंजन ने सोमवार को यहां पत्रकारों से कहा कि बल के स्तर पर गठित समिति अग्निवीरों को एकीकृत करने के तरीकों की जांच कर रही है। उन्हें किस अनुपात में और कहां इस्तेमाल किया जाएगा, इसकी विस्तृत योजना गृह मंत्रालय तैयार करेगा।
जल्द कोस्टल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शुरू करेगा केंद्र
रंजन ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही कोस्टल वाइब्रेंट विलेज यानी तटीय जीवंत गांव कार्यक्रम की शुरुआत करेगी। इससे देश की लगभग 6,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर बसे स्थानीय समुदायों से जुड़ने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम केंद्र के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की तर्ज पर ही होगा, जिसे देश के अन्य हिस्सों में रहने वालों ग्रामीणों के लिए शुरू किया गया है।
तटीय साइक्लोथॉन का दूसरा संस्करण 28 से
रंजन ने 28 जनवरी से शुरू होने वाले बल के तटीय साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा, साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण का मकसद तटीय आबादी को राष्ट्रीय उद्देश्यों से जोड़ना है। बल इन इलाकों के स्थानीय लोगों को तटीय सुरक्षा के बारे में भी जागरूक करेगा। एक बयान में कहा गया कि सीआईएसएफ वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच किया जाएगा। यह कार्यक्रम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी थीम सुरक्षित तट, समृद्ध भारत है।