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Assam: असम के तीन जिलों में बेदखली अभियान, अतिक्रमण करने वालों पर लाठीचार्ज

Thu, 16 Feb 2023 02:10 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

बेदखली अभियान के लिए विपक्षी कांग्रेस ने असम की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और कहा कि कई प्रभावित परिवार वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जमीन पर अधिकार पाने के हकदार हैं।
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अतिक्रमणकारियों पर लाठीचार्ज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम के तीन जिलों में बुधवार को कई बेदखली अभियान चलाए गए, जिसमें सार्वजनिक भूमि पर हजारों कथित अतिक्रमणकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बेदखली अभियान के दौरान कथित अतिक्रमणकारियों ने सुरक्षा बलों के ऊपर पत्थर फेंके, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन पर लाठीचार्ज किया। इनमें से कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें तय तारीख से पहले उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है। 

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बेदखली अभियान के लिए विपक्षी कांग्रेस ने असम की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और कहा कि कई प्रभावित परिवार वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जमीन पर अधिकार पाने के हकदार हैं। मध्य असम के सोनितपुर जिले में करीब 1,900 हेक्टेयर बुराचापोरी वन्यजीव अभयारण्य और आस-पास के राजस्व गांवों को खाली कराने के लिए दूसरे दिन भी अभियान जारी रहा। यह अभियान करीब 12 हजार लोगों को प्रभावित करेगा। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आज हम लाथिमारी, गणेश टापू, बघे टापू, गुलिरपार और सियाली में बेदखली की कवायद कर रहे हैं। अब तक यह शांतिपूर्ण रहा है। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सोनितपुर जिला प्रशासन ने सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों के साथ मंगलवार को यह अभियान शुरू किया था।
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ऊपरी असम के तिनसुकिया जिले के डिगबोई में बेदखली को रोकने के लिए कथित अतिक्रमणकारियों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद उनके खिलाफ लाठीचार्ज किया गया। डिगबोई पुलिस स्टेशन के प्रभारी देबयाज्योति दत्ता ने कहा, हमें प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलना पड़ा क्योंकि उन्होंने बेदखली अभियान को रोकने की कोशिश की। किसकी को कोई चोट नहीं आई। एनएफआर (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे) बोगापानी से माकुम तक विद्युतीकरण का कार्य कर रहा है।

बेदखली अभियान में 200 से ज्यादा घरों और दुकानों को खाली किया जाएगा। एनएफआर पिछले 10 वर्षों से इस क्षेत्र को खाली कराने की कोशिश कर रहा थे और उन्हें कई बेदखली नोटिस भी दिए गए थे। बारपेटा जिले के भवानीपुर में जिला प्रशासन ने करीब तीन सौ हेक्टेयर भूमि को खाली कराने के लिए बेदखली अभियान चलाया, जो एक वैष्णव मठ (गोपाल देव आता सत्र) से जुड़ी थी। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खाली की गई भूमि में चार तालाब खोदे जाएंगे, जिस पर कई दशकों से अतिक्रमण था। उन्होंने कहा, इनमें से ज्यादातर भूमि पर खेती की गतिविधियां की जा रही थीं और लोग आसपास के गांवों में रहते हैं। इसलिए शायद ही कोई आवासीय इकाई प्रभावित होती है। 

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