असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के अंतिम मसौदे पर जारी विवाद के बीच असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने शनिवार को कहा कि देश के सभी राज्यों में एनआरसी होना चाहिए। इससे आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों से कारगर तरीके से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनआरसी सिर्फ असम ही नहीं बल्कि तमाम राज्यों में तैयार किया जाना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में प्रोफेसर जगदीश मुखी ने एनआरसी के अंतिम मसौदे के प्रकाशन को एक ऐतिहासिक घटना बताते हुए भरोसा दिया कि अंतिम सूची से किसी भी वैध भारतीय नागरिक को बाहर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि हर राज्य को अपना एनआरसी बनाना चाहिए और हर 10 साल पर मतगणना के बाद इसे अपडेट किया जाना चाहिए। इससे देश की आंतरिक सुरक्षा काफी मजबूत हो जाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि एनआरसी का अंतिम मसौदा एक पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए तैयार किया गया है। इसमें जाति व धर्म का ख्याल नहीं रखा गया है। यह मुद्दा भारतीय बनाम विदेशी नागरिकों का है और असम समझौते में ही एनआरसी को अपडेट करने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि मसौदे में जिनके नाम नहीं हैं उनको चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनको अपनी नागरिकता साबित का करने का पूरा मौका मिलेगा। अंतिम सूची में राज्य में रहने वाले तमाम भारतीयों के नाम शामिल किए जाएंगे।