यही नहीं वनीकरण अभियान के तहत प्रतिदिन हुए वृक्षारोपण के आंकडे़ तो हैं ही साथ ही पहले हुए वृक्षारोपण में से कितने पेड़ जीवित बचे हैं, ये आंकडे़ भी वन मंत्रालय के पास मौजूद हैं। यह जिऔटैगिंग के जरिए मालूम किया जा रहा है। जिओटैगिंग के इस्तेमाल से मनरेगा के तहत हो रहे फर्जीवाड़े को भी रोकने में मदद मिली है। इससे जीपीएस के जरिए मालूम चल जाता है कि कोई भी काम किस जगह पर हुआ है।
रक्षा खरीद का भी डैशबोर्ड
पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा खरीद जैसे संवेदनशील विभाग का डैशबोर्ड लांच किया। इस डैशबोर्ड पर रक्षा सामग्री के निर्माण का लक्ष्य और उसे पाने की प्रगति, निर्यात आदि सभी जानकारी दी गई है।
कर्मचारियों की उपस्थिति भी हो रही दर्ज
मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही सभी केंद्रीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति यंत्र लगा दिए थे। अब उसने इन्हें एक सेंट्रल सर्वर के जरिए डैशबोर्ड से जोड़ दिया है। इस तरह हर सेकंड मालूम किया जा सकता है कि किस कार्यालय में कितने कर्मचारी काम कर रहे हैं। मसलन 29 अगस्त बृहस्पतिवार को सुबह 11.50 बजे केंद्र सरकार के दिल्ली स्थित सभी कार्यालयों में कुल मिलाकर 1,32,484 कर्मचारी काम कर रहे थे। यह सिस्टम झारखंड कैडर के पूर्व मुख्य सचिव आरएस शर्मा ने तैयार कराया। उनका कहना था कि इस सिस्टम से पारदर्शिता आएगी और कामचोरों की पहचान होगी।