केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट में संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित उच्च-स्तरीय समिति ने व्यापक विचार-विमर्श किया है। संभावना है कि वह इस महीने के आखिर तक अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंप देगी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने क्या बताया?
बेंच ने क्या कहा?
बेंच ने 'डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग' के जॉइंट सेक्रेटरी से कहा कि वे अब तक उठाए गए कदमों के बारे में कोर्ट में हलफनामा दाखिल करें। बेंच ने मेहता से कहा कि इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि सरकार नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट) कराने की पूरी प्रक्रिया को संस्थागत बनाने पर विचार करे।
बेंच ने मेहता से कहा, 'आपको पता होना चाहिए कि पूरे सिस्टम का स्थायी होना बहुत जरूरी है। इसके लिए एक स्थायी सेटअप, स्थायी स्टाफ और स्थायी वर्टिकल होने चाहिए। डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) बहुत कम होनी चाहिए। तभी एक स्थायी ढांचा तैयार हो पाएगा।'