राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देतीं यूरोपीय संघ की प्रमुख।
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साझेदारी बढ़ाने में ठोस प्रगति की उम्मीद
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईयू के साथ साझेदारी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम व्यापार और रक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुछ ठोस प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच एफटीए पर विचार-विमर्श की उम्मीद है क्योंकि हमें जल्द से जल्द एक पारस्परिक लाभकारी सौदे की आवश्यकता है। यूरोपीय संघ अपनी तरफ से स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार में अनुचित बाधाओं के खिलाफ दृढ़ता से और तुरंत प्रतिक्रिया देने की बात कह चुका है। दोनों पक्षों का मानना है कि प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता आर्थिक जुड़ाव को काफी हद तक बढ़ाएगा।
कार, शराब और कृषि उत्पादों पर कम टैरिफ के पक्ष में है ईयू
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यूरोपीय संघ चाहता है कि भारत कारों, शराब और कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करे और भारत को भी ईयू से कुछ अपेक्षाएं हैं। दोनों पक्ष रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विस्तार के तरीकों की भी तलाश करेंगे। अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष सूचना सुरक्षा समझौते को मजबूत करने की प्रक्रिया में हैं। इससे रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के लिए रूपरेखा तैयार होगी। रक्षा संबंधों को बढ़ाने के क्रम में यूरोपीय संघ की तरफ से जल्द ही भारत के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की उम्मीद है।
वस्तुओं की सबसे बड़ी व्यापारिक साझेदारी
वित्तीय वर्ष 2023-24 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें यूरोपीय संघ को निर्यात 76 बिलियन डॉलर और वहां से आयात 59 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। इस तरह से भारत वस्तुओं के मामले में उसका सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2023 में सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार 53 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें 30 बिलियन डॉलर का भारतीय निर्यात और 23 बिलियन डॉलर का आयात शामिल है, जो सेवाओं में अब तक का सबसे अधिक व्यापार है।
भारत में करीब छह हजार यूरोपीय कंपनियां
भारत में यूरोपीय संघ के निवेश का मूल्य 117 बिलियन डॉलर से अधिक है, जिसमें लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में मौजूद हैं। यूरोपीय संघ में भारत का निवेश लगभग 40 बिलियन डॉलर है। दोनों पक्ष 2021 में शुरू की गई भारत-यूरोपीय संघ कनेक्टिविटी साझेदारी के तहत कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए भी उत्सुक हैं। साझेदारी ने तीसरे देशों सहित कनेक्टिविटी पर सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को भी रेखांकित किया।
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