जासूसी मामले में समाजवादी पार्टी के राज्ससभा सांसद मुनव्वर सलीम के निजी सचिव फरहत खान को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। दिल्ली कोर्ट ने उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी की ओर से भारतीय सेना की जासूसी के मामले में फरहत खान की गिरफ्तारी हुई है। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, अभी कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
अपने निजी सचिव की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी के सांसद मुनव्वर सलीम ने कहा कि उन्होंने एक साल पहले पूरी संसदीय जांच के बाद फरहत को नियुक्त किया था। उन्होंने कहा, "मैं जांच के दौरान अपनी ओर से पूरी सहयोग के लिए तैयार हूं।"
I had appointed the PA a year back after due parliamentary checks, I am ready to extend all support during probe: Munawwar Salim,SP MP pic.twitter.com/Hu1U0VnC6S
— ANI (@ANI_news) October 29, 2016
जासूसी कांड में अबतक 4 की गिरफ्तारी
सांसद मुनव्वर सलीम और सपा कैबिनेट मंत्री आजम खान के साथ फरहत खान (फाइल फोटो) पीछे खड़े हुए
- फोटो : Amar Ujala
वहीं, फरहत खान का एक फोटो सामने आया है, जिसमें सांसद मुनव्वर सलीम और कैबिनेट मंत्री आजम खान भी मौजूद हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सपा के राज्यसभा सदस्य मुनव्वर सलीम के पीए फरहत को बीती रात हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली पुलिस इस मामले से जुड़े उन अन्य लोगों को भी पकड़ने की कोशिश कर रही है, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे लोग पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मी महमूद अख्तर के करीबी संपर्क में थे। अख्तर को 26 अक्तूबर को गोपनीय दस्तावेज लेते हुए पकड़ा गया था।
कुछ और लोगों की हो सकती है गिरफ्तारी
शामली में फरहत खान ने लगाए पोस्टर
- फोटो : Amar Ujala
शामली में ईद-उल-अजहा के मौके पर फरहत खान के द्वारा पोस्टर लगाए थे। जिसमें फरहत खान को शामली जिला वक्फ बोर्ड सब कमेटी का चेयरमैन बताया गया है। इस पोस्टर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कैबिनेट मंत्री आजम खान सहित समाजवादी पार्टी के कई नेताओं के नाम शामिल हैं।
बता दें कि जासूसी रैकेट मामले में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने शोएब नामक एक शख्स को मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। जटिया बास निवासी शोएब जोधपुर में लोगों के पासपोर्ट बनवाने के साथ ही हनी ट्रैप में इस्तेमाल के लिए लड़कियों की भी तलाश करता था। दरअसल शोएब ऐसी लड़कियों की तलाश में रहता था जो पाकिस्तान जाना चाहती थी लेकिन किसी वजह से उन्हें पाकिस्तान का वीजा नहीं मिल पाता था। पासपोर्ट-वीजा के काम के दौरान ही शोएब पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी महमूद अख्तर के संपर्क में आया था।
इस मामले में गिरफ्त में आए नागौर के मौलाना रमजान को सबसे पहले शोएब ने अपने जाल में फंसाया था। मौलाना ने पैसों के लालच में ही सुभाष जांगीड़ को भी अपने साथ जोड़ लिया था। क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि फरहत से पूछताछ में इस रैकेट के बारे में अभी और कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।