अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक चिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है। ऐसे में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक हालिया बयान ने इस पूरे मामले में और ज्यादा चर्चा तेज कर दी है। पूरी बात को ऐसे समझिए कि ईरान के समर्थन में खुलकर सामने जिनपिंग ने एक तरफ तो सभी देशों से शांति और संतुलन बनाए रखने की अपील की है। दूसरी ओर अमेरिका को दो टूक अंदाज में यह कह दिया कि इस क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता (आजादी), सुरक्षा और सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
जिनपिंग ने यह बात बीजिंग में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लोगों, संस्थानों और संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों को मिलकर ऐसा सुरक्षा ढांचा बनाना चाहिए जिससे पूरे पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
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बीजेडी सांसद ने क्यों जताया चिंता?
चीनी राष्ट्रपति के इस बयान के बाद भारत में बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अगर चीन ने सच में अमेरिका के खिलाफ चेतावनी के तौर पर गोली चलाई है, तो यह बहुत गंभीर बात है और इससे युद्ध का दायरा और बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अमेरिका को सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि चीन जैसे बड़े देश से भी मुकाबला करना पड़ सकता है।
नाटो देशों की एकता पर भी उठाए सवाल
इसके अलावा उन्होंने नाटो देशों की एकता पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों का अमेरिका का साथ न देना दिखाता है कि नाटो इस मुद्दे पर एकजुट नहीं है। इसी बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव और बढ़ गया है। यह दुनिया का एक बहुत अहम समुद्री रास्ता है, जहां से तेल और व्यापारिक सामान की बड़ी मात्रा गुजरती है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ इस रास्ते को ब्लॉक करने की योजना की खबर के बाद चीन ने कहा कि यहां आवाजाही बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए।
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चीन की अपील, लेकिन पश्चिम एशिया में हालात नाजुक
कुल मिलाकर देखा जाए तो चीन ने साफ किया कि वह युद्ध के बजाय बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन का समर्थन करता है। चीन का कहना है कि अगर समय रहते संघर्ष नहीं रुका, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इसी चलते पश्चिम एशिया में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। चीन शांति की अपील कर रहा है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव दुनिया के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है।