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महामारी: कोरोना पर काबू क्यों नहीं कर पा रहे हैं कई देश, सौम्या स्वामीनाथन ने बताई यह वजह

Tue, 25 May 2021 06:12 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने मौजूदा महामारी से निपटने के लिए कुछ अहम चीजें जरूरी बताई हैं। उन्होंने उन सबक को भी गिनाया, जो इस महामारी से लिए जाना चाहिए।
 
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सौम्या स्वामीनाथन - फोटो : social media
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विस्तार
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डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि मौजूदा महामारी ने देश में विज्ञान आधारित नेतृत्व और नीतियों, बेहतर संचार तंत्र, सबूत आधारित गाइडलाइन के पालन की आवश्यकता महसूस कराई है। ताकि कोविड-19 जैसी संक्रामक महामारी से उसी तेजी से निपटने के उपाय किए जा सकें। 

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सौम्या ने कहा कि विज्ञान व प्रौद्योगिकी के रूप में कई संसाधन मौजूद होने के बावजूद उक्त कमियों के कारण ही विश्व के कई देश कोरोना महामारी पर काबू नहीं कर पा रहे हैं।  डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक ने कहा कि देशों ने महामारी के कई सबक लिए हैं। उन्होंने जाना है कि बेहतर संचार व सामुदायिक संपर्क किस तरह जरूरी है। इसके बगैर लोगों के व्यवहार में बदलाव के उपाय करना मुश्किल है। महामारी ने दुनिया को यह भी सिखाया है कि कैसे संयमित व उदार दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। 

हर देश में बढ़ी असमानता
सौम्या स्वामीनाथन ने अपने भाषण में यह भी कहा कि महामारी के कारण हर देश व विभिन्न समुदायों के बीच असमानता बढ़ी है। समाज के पहले से वंचित लोगों की सामाजिक आर्थिक दशा और बिगड़ी है। सबसे बड़ी जरूरत शोध व क्लीनिकल ट्रायल के लिए मजबूत नियामक सिस्टम की महसूस हुइ है।
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स्वास्थ्य संस्थानों व लैब में निवेश जरूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या ने यह भी कहा कि देश में अनुसंधान संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करना और उन्हें शीर्ष शोध करने के लिए तैयार करना कितना महत्वपूर्ण है। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों और लैबोरेटरी की स्थापना के लिए निवेश जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य में एक मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान और एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संवर्ग होना चाहिए, जिसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि रोग निगरानी, प्रतिक्रिया और संक्रामक व गैर संक्रामक रोगों की रोकथाम सही तरीके से हो सके।


केरल के तिरुवनंतपुरम में श्री चित्रा तिरुनेल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नालॉजी (SCTIMST) के 37 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सौम्या स्वामीनाथन ने यह बात कही। यह कार्यक्रम शनिवार को आनलाइन आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में 162 वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों, पीएचडी स्कॉलर्स व 2020 में स्नातक परीक्षा व एमएस पास करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं। 

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