फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा जलाई गई पराली : ईपीसीए प्रमुख

Fri, 16 Nov 2018 07:17 PM IST
भाषा, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
delhi pollution - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण या ईपीसीए के प्रमुख भूरे लाल ने शुक्रवार को कहा कि सख्ती के बावजूद इस साल पड़ोसी राज्यों में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाए जाने की ज्यादा घटनाएं दर्ज की गईं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है ताकि वे पराली जलाने के चलन के विकल्प तलाश करें। 
विज्ञापन


पीएचडी चैंबर द्वारा ‘आर्थिक एवं पर्यावरणीय स्थिरता के लिए फसल अवशेषों के थोक उपयोग’ पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि धान की पुआल उर्वरकों का एक बहुत अच्छा स्रोत हो सकती है। इसका सबसे अच्छा उपयोग इसे मिट्टी के साथ मिला देना है। दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार बड़े कारणों में से एक पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले गुरुवार वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई थी। वायु गुणवत्ता सूचकांक तब सबसे ऊंचा स्तर 642 दर्ज किया गया था।

पर्यावरण प्रदूषण (संरक्षण एवं नियंत्रण) अधिकरण (ईपीसीए) प्रमुख ने कहा कि इस तथ्य के बावजूद कि इस बार ज्यादा सख्ती बरती गई, पराली जलाने की घटना पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा दर्ज की गई। लाल ने कहा कि यह देखा गया है कि युवा पीढ़ी दूसरे विकल्प तलाश काने के लिए तैयार है लेकिन पुरानी पीढ़ी अब भी पराली जलाने के तरीके से ही चिपकी रहना चाहती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें