केरल सरकार मैसूर और चामराजनगर के जरिये केरल और बंगलूरू के बीच यातायात को सुगम बनाना चाहती है। इसके लिए वह बांदीपुर नेशनल पार्क में रात्रि यातायात प्रतिबंध में ढील देने पर जोर दे रही है। कर्नाटक सरकार ने भी प्रतिबंध में ढील देने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका पर्यावरणविदों ने विरोध जताया है और सरकार से बांदीपुर में रात्रि यातायात प्रतिबंध जारी रखने की मांग की है।
कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क में रात्रि यातायात प्रतिबंध में ढील के विरोध में सैकड़ों पर्यावरणविदों ने रविवार को चामराजनगर जिले में पैदल मार्च निकाला। पर्यावरणविदों ने सरकार से मांग की कि नेशनल पार्क में रात्रि यातायात प्रतिबंध जारी रखें जाएं। किसान और छात्रों ने भी पर्यावरणविदों की मांग का समर्थन किया और पैदल मार्च में शामिल हुए।
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हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शनकारी रविवार को गुंडलूपेट के कागलहुंडी में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने मद्दुर चौकी तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक सरकार से अपील की कि वह नेशलन पार्क में रात्रि में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध हटाने के केरल सरकार के अनुरोध को न माने। पर्यावरणविदों ने ऐसा करने के लिए जंगली जानवरों की सुरक्षा का हवाला दिया।
प्रदर्शनकारियों को कन्नड चालावली का भी मिला समर्थन
पर्यावरणविदों के प्रदर्शन को कन्नड चालावली (वटल पक्ष) का भी समर्थन मिला और इसके प्रमुख वटल नागराज प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान नागराज ने पत्रकारों से बात की और कहा कि राज्य में बाघों की आबादी कम हो रही है। ऐसे समय में बांदीपुर में रात्रि यातायात प्रतिबंध जारी रखना जरूरी है।
बता दें कि बांदीपुर नेशनल पार्क बाघों, हाथियों, तेंदुओं, हिरणों और कई अन्य जंगली जानवरों का घर है।
रात्रि यातायात प्रतिबंध में ढील से संवेदनशील प्रजातियों को हो सकता है खतरा
पर्यावरणविदों को चिंता सता रही है कि रात्रि यातायात प्रतिबंध में ढील देने से बांदीपुर के जंगल में संवेदनशील प्रजातियों को खतरा हो सकता है। यह प्रतिबंध वर्षों से लागू है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों को परेशान करने या नुकसान पहुंचाने से रोकना है।
केरल-बंगलूरू के बीच यातायात को सुगम बनाना चाहती है केरल सरकार
केरल सरकार मैसूर और चामराजनगर के जरिये केरल और बंगलूरू के बीच यातायात को सुगम बनाना चाहती है। इसके लिए वह बांदीपुर नेशनल पार्क में रात्रि यातायात प्रतिबंध को हटाने पर जोर दे रही है। पर्यावरणविद जोसेफ हूवर ने कहा है कि कर्नाटक सरकार ने प्रतिबंध में ढील देने की इच्छा जताई है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे बांदीपुर के वन्यजीवों को गंभीर नुकसान हो सकता है।