तमिलनाडु के पर्यावरण कार्यकर्ता टी मुगिलन बीते छह महीने से लापता थे। अब वह शनिवार को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के एक रेलवे स्टेशन पर मिले हैं। रात के समय आंध्र प्रदेश पुलिस ने मुगिलन को तमिलनाडु पुलिस को सौंपा, जिसके बाद उन्हें उनके राज्य लाया गया। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में हैं।
कार्यकर्ता मुगिलन की एक वीडियो भी काफी वायरल हो रही है, जिसमें वह नारे लगा रहे हैं। वीडियो में, उन्हें कुडनकुलम में परमाणु कचरे को डालने की योजना के खिलाफ बोलते हुए सुना जा सकता है। इसमें वह कानूनी मदद की कमी के कारण जेलों में बंद तमिलों की रिहाई की मांग भी कर रहे हैं।
टी मुगिलन 15 फरवरी से लापता हैं, ये वही दिन है जब उन्होंने चेन्नई में प्रेस वार्ता की थी। उन्होंने तूतीकोरिन घटना को लेकर पुलिस पर आरोप लगाए, जिसमें वेदांता कॉपर स्मेल्टर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 13 लोगों की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी। एगमोर स्टेशन से मदुरई के लिए ट्रेन लेने के बाद से कार्यकर्ता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे।
पुलिस ने सीसीटीवी की तस्वीरों से ये दावा किया था कि मुगिलन एगमोर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के कुछ देर बाद ही उतर गए थे। बता दें मुगिलन ने सक्रिय रूप से तूतीकोरिन में वेदांता के स्टरलाइट संयंत्र के खिलाफ अभियान चलाया था। मुगिलन के लापता होने के बाद से उनकी सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दल और अधिकार कार्यकर्ता चिंतित थे।
साथ ही ये लोग राज्य सरकार पर मुगिलन के मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे। केवल इतना ही नहीं मुगिलन की पत्नी ने भी मद्रास हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। वहीं राज्य पुलिस रेप और धोखाधड़ी के आरोप में मुगिलन की तलाश में जुटी हुई थी। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि मुगिलन छिपे हुए थे या फिर उनका अपहरण किया गया था।