नई मुंबई के तलोजा इलाके के एक फ्लैट से एक ही परिवार के चार लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक परिवार दिल्ली का मूल निवासी बताया गया है। वह पिछले साल यहां आया था और किराये के मकान में रह रहा था। तलोजा के सेक्टर नौ स्थित एक हाउसिंग कॉम्पलेक्स में मिले शव पति-पत्नी और उनके दो नाबालिग बच्चों के हैं।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक तलोजा के सेक्टर नौ स्थित एक हाउसिंग कॉम्पलेक्स में मिले शव पति-पत्नी और उनके दो नाबालिग बच्चों के हैं। दो शवों की पहचान नितेश उपाध्याय, बबली उपाध्याय के रूप में की गई है। दो शव नाबालिग के हैं जिनकी उम्र सात और आठ साल है। शवों को फिलहाल पनवेल के अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक काशीनाथ चव्हाण ने बताया कि फ्लैट का मालिक पिछले डेढ़ महीने से उसके घर में किराए पर रह रहे नितेश से फोन पर संपर्क करने की कोशिश कर रहा था लेकिन फोन पर कोई जवाब नहीं मिल रहा था। इसके बाद वह हाउसिंग काम्प्लेक्स में नितिन के बारे में पूछताछ करने के लिए आया। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला। इस दौरान उन्हें फ्लैट के हॉल में कोई नहीं मिला जबकि बेडरूम लॉक था।
इसके बाद जब बेडरूम का ताला खोला गया तो वहां पर बेड पर बच्चों व पत्नी का शव मिला। उनके गले में कई निशान नजर आए। जबकि नितेश पंखे से लटका मिला। पुलिस को अशंका है कि नितेश ने पहले अपने पत्नी व बच्चों की हत्या की उसके बाद खुद आत्महत्या की होगी।
एक महीने पहले आत्महत्या की आशंका
पुलिस को आशंका है कि परिवार के सभी लोगों ने एक महीने पहले आत्महत्या की है। क्योंकि शव काफी हद तक सड़ी-गली अवस्था में थे। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें नितेश ने कहा है कि उसके इस कृत्य के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। हिंदू रीति-रिवाज के हिसाब से अंतिम संस्कार किया जाए। हमारे परिवार में कोई नहीं है। इसलिए किसी को खोजा भी न जाए। पुलिस के मुताबिक नितेश मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला था। वह पिछले साल यहां आया था और किराए के मकान में रहता था।