2020 सत्र में नए इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक प्रोग्राम में दाखिले नहीं होंगे। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय बाजार में इंजीनियरिंग की घटती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार की समिति ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) को यह सुझाव दिया है। आठ सदस्यीय समिति की सिफारिश है कि 2019 सत्र में भी उन्हीं इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की अनुमति दी जाए, जिनकी पिछले सालों में सीट भरती रही हैं। हालांकि समिति की रिपोर्ट पर आखिरी फैसला एआईसीटीई ही करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, समिति का कहना है कि पिछले दो साल से इंजीनियरिंग में पचास फीसदी सीट खाली रह रही हैं। इसी के चलते 2020-21 सत्र में किसी भी नए इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक में दाखिला न करने की सिफारिश है।
बीटेक डिग्री के बाद भी पचास फीसदी से अधिक छात्रों को नौकरी नहीं मिल रही थी। इसी के चलते बाजार की मांग के आधार पर इंजीनियरिंग में दाखिला विंडो ओपन करने के मकसद से एआईसीटीई ने समिति का गठन करते हुए उससे सुझाव मांगे थे। आईआईटी हैदराबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नरर के चेयरमैन प्रो. बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में गठित समिति में आईआईटी, फिक्की, नैसकॉम, एसोचैम, सेंटर फॉर मैनेजमेंट एजुकेशन आदि के विशेषज्ञ शामिल थे।