फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचरों को देना पड़ा टेस्ट

Thu, 30 Jun 2016 04:24 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
टीचर
विज्ञापन
अपने तरीके के अनूठे मामले में महाराष्ट्र के ठाणे में अलामुरी रतनामला इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग ने अपने की कॉलेज के 80 टीचरों का टेस्ट लिया। कॉलेज ने ये कवायद बच्चों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए की है।
विज्ञापन


कॉलेज प्रशासन ने सबसे अच्छी उत्‍तर पुस्‍तिका को बाद में बच्चों को दिखाने के लिए एक अलग बैंक बनाने का भी मन बनाया है। टेस्ट में बैठी टीचर इसरानी ने कहा कि हम बच्चों को पढ़ाने में तो निपुण हैं पर हमारी योग्यता को काफी समय से परखा नहीं गया था।

इस टेस्ट के पीछे सिर्फ टीचरों को और परांगत बनाने का उद्देश्य है। हमारे टेस्ट का फॉर्मेट मुंबई विश्वविधालय ने सेट किया था। 
विज्ञापन

80 फीसद अंक न ला पाने की सूरत में मिलेगी साइड पोस्‍टिंग 

टेस्‍ट - फोटो : getty
वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जो टीचर कम से कम 80 फीसद अंक नहीं ला पाएग उसे टीचरी की जगह दूसरी पोस्‍टिंग दे दी जाएगी, जबतक वह अपना टेस्ट पास नहीं कर लेता।

कॉलेज के डीन ‌दिनेश इसरानी का कहना है कि मैं नहीं चाहता की कोई छात्र आकर मुझे कहे की टीचर को ये नहीं आता वह नहीं आता।

साथ ही जो टीचर एक से अधिक विषय पढ़ाते हैं उन्हें दूसरे पेपर के लिए अगले माह टेस्ट देना होगा।
(Published by Abhishek)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें