प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विवादास्पद इस्लामी उपदेशक जाकिर नायक की मनी लांडरिंग और फंड ट्रांसफर मामले में मदद करने के आरोप में नजमुद्दीन साथक को गिरफ्तार किया है। 19 जनवरी को ईडी ने नाईक के खिलाफ मनी लांडरिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में उसकी 16.40 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क कर दी थी।
ईडी ने एक बयान में कहा था कि उसने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांडरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नाईक के परिजन की मुंबई और पुणे स्थित संपत्तियों की कुर्की के लिए अस्थायी आदेश जारी किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया था कि इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 16.40 करोड़ रुपए है।
ईडी ने संपत्तियों की पहचान मुंबई स्थित फातिमा हाइट्स और आफिया हाइट्स, भांडुप इलाके में एक अनाम परियोजना और पुणे में एंगरेसिया नाम की परियोजना के तौर पर की थी। धन का मूल स्रोत और संपत्तियों के असल मालिकाना हक को छुपाने की खातिर नाईक के बैंक खाते से किए गए शुरुआती भुगतान उसकी पत्नी और उसके बेटे और भतीजी के खातों में भेज दिए गए और फिर नाइक की बजाय उसके परिजन के नाम पर बुकिंग के उद्देश्य से उसी रास्ते से धनराशि भेजी गई।
इससे पहले जांच एजेंसी ने कहा था, ‘धन प्राप्त करने वालों का पता लगाने से इस बात का खुलासा हुआ है।’ ईडी ने दिसंबर 2016 में नाईक एवं अन्य के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था। गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत एनआईए की ओर से दाखिल शिकायत का संज्ञान लेने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था।
ईडी ने इस मामले में तीसरी कुर्की की है। एजेंसी नाईक के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद से जांच कर रही है। नाईक फिलहाल मलेशिया में हैं। ईडी ने इस मामले में अब तक कुल 50.49 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है।