कोरोना संक्रमण को रोकने में हो रहे नित्य नए प्रयोगों में दुर्गापुर के सेंट्रल मेकैनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) के वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा आधारित इंटेलिमास्ट एक इंटेलिजेंट सर्विलांस कियोस्क तैयार किया है। यह स्मार्ट कियोस्क कार्यस्थल पर कोरोना संक्रमण रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पूरी तरह से सोलर सिस्टम से चलने वाला यह कियोस्क संपर्क रहित ऑटोमेटेड मास्क डिस्पेसिंग यूनिट और थर्मल स्कैनर-इंटेलिमास्ट से लैस है। ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित यह सिस्टम स्वचालित कामकाज में मददगार साबित होगा। सीएमईआरआई द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह तकनीक व्यावसायिक हस्तांतरण के लिए तैयार है।
यह कियोस्क शरीर का तापमान बताने के साथ-साथ यह भी पता लगा लेता है कि उसके सामने से होकर गुजरने वाले व्यक्ति ने मास्क पहना है या फिर नहीं। इसके माध्यम से मास्क न पहनने वाले कर्मचारियों की सूचना प्रशासन तक पहुंच जाती है। कर्मचारी स्कैनर पर चिप युक्त अपने परिचय पत्र को दिखाकर डिस्पेंसर से मास्क प्राप्त कर सकते हैं, जिसका मूल्य उनकी सैलेरी से काट लिया जाता है। यह प्रणाली बड़े संस्थानों में कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने में मददगार हो सकती है।
सीएमईआरआई के निदेशक प्रोफेसर हरीश हिरानी ने कहा है कि महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कॉप्स सिस्टम कार्यस्थलों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि अपनी तकनीकों को विकसित करते हुए हमारा उद्देश्य स्टार्टअप कंपनियों और उद्यमियों को समर्थन करना और उन्हें अपनी नवोन्मेषी क्षमता दिखाने के लिए मंच देना भी है।