Three accused of Kerala Human Sacrifice case
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केरल में दो महिलाओं की सनसनीखेज मानव बलि के मामले में रोज नई जानकारियां निकलकर सामने आ रही हैं। इस बीच, कोच्चि पुलिस ने बुधवार को कहा कि वह साइबर सबूतों पर बहुत भरोसा कर रही है और मुख्यारोपी मोहम्मद शफी के अजीबो-गरीब व्यवहार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त सी. नागराजू ने कहा कि मुख्यारोपी मोहम्मद शफी (52 वर्षीय) का व्यवहार कुछ अजीब था, इसलिए वे अभी उस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने यहां संवाददाताओं को बताया कि जांच और साक्ष्य इकट्ठा करने का काम सुचारू रूप से चल रहा है। पुलिस को पर्याप्त साइबर साक्ष्य मिल रहे हैं। हम साइबर साक्ष्यों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पीड़ितों की व्यक्तिगत संपत्ति जैसे सोने के गहने या इलेक्ट्रॉनिक सामान की बरामदगी के लिए भी साक्ष्य को इकट्ठा करने का काम चल रहा है और सबूत जुटाने के लिए टीमों को स्टेशन से बाहर भी भेज दिया गया है।
पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि मुख्यारोपी शफी ने जो कुछ भी कहा उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है और उसने अन्य दो आरोपियों को अपराध करने के लिए गुमराह किया था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अन्य दो आरोपियों भगवल सिंह (68 वर्षीय) और उसकी पत्नी लैला (59 वर्षीय) की मंशा क्या थी।
इससे पहले मंगलवार को कोच्चि पुलिस आयुक्त ने उन खबरों को खारिज किया था जिसमें कहा जा रहा था कि राज्य में महिलाओं की बलि के पीछे अंग माफिया शामिल थे।
पहली महिला 26 सितंबर को लापता हो गई थी और जांच शफी तक पहुंची थी। आगे की पूछताछ में पुलिस ने पाया कि तीनों आरोपियों ने जून में इसी तरह से एक अन्य पीड़ित की कथित तौर पर हत्या कर दी थी।
पुलिस के मुताबिक, लॉटरी टिकट बेचकर अपनी आजीविका कमाने वाली महिलाओं को आर्थिक तंगी से निपटाने और उन्हें अमीर बनाने का सपना दिखाकर मार दिया गया। पुलिस के मुताबिक, शफी ने दंपति को आश्वस्त किया था कि मानव बलि से उनका संकट खत्म हो जाएगा।