कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन वाली सरकार संकट में आ गई है। सरकार के 13 महीने में 14 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने शनिवार को ही स्पीकर के दफ्तर में अपना इस्तीफा सौंपा है। अब सरकार के पक्ष में 118 में से केवल 105 विधायक ही बचे हैं। बता दें राज्य में विपक्षी पार्टी भाजपा भी 105 सीटों पर ही काबिज है। खबर है कि सोमवार को पांच से छह विधायक और इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे भाजपा के सत्ता पर काबिज होने के आसार बढ़ गए हैं।
224 सदस्यों वाली विधानसभा में इन विधायकों के इस्तीफे से पहले सरकार के पास 118 विधायक थे। इनमें 79 कांग्रेस के, 37 जेडीएस के और दो निर्दलीय थे। ये संख्या बहुमत के 113 के आंकड़े से पांच अधिक थी।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा का कहना है कि इसपर अभी इंतजार करना होगा। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में आप जानते हैं। अभी मैं तुमकुर जा रहा हूं और शाम को चार बजे लौटूंगा। देखिए और इंतजार कीजिए, मैं सिद्धारमैया और कुमारस्वामी के बयानों के बारे में कुछ कहना नहीं चाहता।"
मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि वह इस गठबंधन सरकार को आगे भी देखना चाहते हैं। जो भी सूचनाएं दी जा रही हैं वह आधी अधूरी हैं। खड़गे ने वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी को लेकर कहा है कि वह वरिष्ठ नेता हैं और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा।
कुमारस्वामी की मौजूदा सरकार रहेगी या फिर जाएगी इस बात का फैसला मंगलवार को हो जाएगा। विधानसभा के स्पीकर रमेश कुमार ने बताया कि रविवार को अवकाश है और सोमवार को वह छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में मंगलवार को ही विधायकों के इस्तीफों पर विचार किया जाएगा। इस्तीफा देने वाले 13 विधायकों में से 11 मुंबई भी पहुंच गए हैं और एक होटल में ठहरे हुए हैं। ऐसे में भाजपा के सरकार गठन करने के संकेत काफी बढ़ गए हैं।
राज्य में सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस ही पूरी तरह से सक्रिय है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुमारस्वामी अमेरिका के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से बातचीत करने के बाद राज्य कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को कैबिनेट की आपातकालीन बैठक भी बुलाई है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में नाराज चल रहे विधायकों को पद देकर संतुष्ट करने के लिए कांग्रेस और जेडीएस के 5 मंत्रियों को इस्तीफा देने के लिए कहा जाएगा। लेकिन सरकार बच पाएगी या नहीं इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार बीते कई महीनों से विधायकों को मनाने के लिए कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात नहीं बन पा रही है। वह शनिवार को विधानसभा स्पीकर के दफ्तर भी पहुंचे, जहां विधायक इस्तीफा देने के लिए गए थे, लेकिन किसी भी विधायक को नहीं मना पाए।