चुनावी माहौल में छात्र जाबिर के आत्मदाह प्रकरण पर सियासत गरमा सकती है। घटना के बाद भाजपा, सपा और कांग्रेस के नेता अपने ढंग से घटना की जिम्मेदारी तय कर रहे हैं। सपा और कांग्रेस जहां घटना के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बता रहे हैं वहीं भाजपा इसका दोष राज्य सरकार पर मढ़कर अपना पल्लू झाड़ लेना चाहती है। मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री महेंद्र नाथ पांडेय का कहना है कि घटना का मुख्य कारण पुलिस का लाठीचार्ज करना है। पुलिस ने संयम से काम लिया होता तो किसी छात्र के आत्मदाह की नौबत नहीं आती।
पुलिस ने लाठीचार्ज के जरिए छात्रों को भड़काने का काम किया है। रही बात कुलपति रतनलाल हांगलू की तो इनकी शिकायत राष्ट्रपति से करने के साथ मंत्रालय भी अपने स्तर से जांच कराएगा। उनके खिलाफ पहले भी शिकायत मिली थी। जिसकी जांच जारी है। विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष और शहर पश्चिमी विधान सभा सीट से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी ऋचा सिंह ने अस्पताल जाकर जाबिर का हाल देखा और कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन यहां भी रोहित वेमुला जैसी घटना दोहराना चाहता था।
ऋचा ने बताया कि उन्होंने कुलपति से बात की तो उनका जवाब था कि विश्वविद्यालय प्रशासन का घटना से कुछ भी लेना देना नहीं है। ऋचा के मुताबिक, उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से जाबिर के इलाज का समुचित इलाज का प्रबंध करने को कहा है। रोहित वेमुला का नाम लेकर एक तरह से ऋचा सिंह ने इशारे में केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।