निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इनमें सबसे अधिक 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। इन सीटों पर 27 फरवरी को मतदान होगा, उसी दिन नतीजे आएंगे। नामांकन 8 फरवरी को शुरू होगा। परचा दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। परचों की जांच की 16 को होगी और प्रत्याशी 20 तक नाम वापस ले सकेंगे।
एनडीए को छह सीटों पर बढ़त मिलना तय
राज्यसभा की 56 सीटों पर चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को छह सीटों की बढ़त मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में राज्यसभा में एनडीए के 114 सदस्य हैं जिनमें भाजपा के 93 सदस्य शामिल हैं। कांग्रेस 30 सदस्यों के साथ उच्च सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और उसे 27 फरवरी को होने वाले चुनाव में दो सीटों का फायदा होने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में, कांग्रेस को भाजपा से सीट मिलने की संभावना है। वर्तमान में यह सीट भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राज्य पार्टी नेतृत्व अपनी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को हिमाचल से उतारने वाली है। प्रदेश में सत्तारूढ़ होने के चलते प्रियंका का यहां से जीतना तय है। राज्यसभा में वापसी के लिए नड्डा को अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश के बाहर से मैदान में उतरना होगा। बिहार में भाजपा और जदयू के साथ आने से राजद और कांग्रेस के हिस्से वाली दो सीटें एनडीए के खाते में आएंगी। बिहार में खाली हुई छह सीटों में जदयू व राजद के पास दो-दो और कांग्रेस व भाजपा के पास एक-एक सीट थी। इसी तरह अजित पवार के गुट वाली एनसीपी के सत्ता में आने के कारण महाराष्ट्र में भी एनडीए को दो सीटें मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र में खाली हो रही छह सीटों में भाजपा के पास तीन, एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के पास एक-एक सीट थीं। गुजरात में कांग्रेस के खाते की दो सीटें भाजपा को मिलने वाली हैं। कांग्रेस को तेलंगाना में दो सीटों की बढ़त मिलेगी, लेकिन गुजरात में दो और बिहार व पश्चिम बंगाल में एक-एक सीट का नुकसान होगा।