यादव की ग्राउंड रिपोर्ट के मुख्य बिंदु ...
- मोदी के लिए प्रति गुस्सा नहीं, उदासीनता है। उन्हें राशन का श्रेय मिलता है, लेकिन इस बार उनके नाम पर वोट नहीं पड़ेगा।
- मोदी की तुलना में योगी ज्यादा लोकप्रिय हैं, उन्हें गुंडागर्दी खत्म करने का श्रेय मिलता है।
- बीजेपी के अधिकांश सांसदों और स्थानीय नेताओं के खिलाफ बहुत गुस्सा है।
- वोटर के मन में महंगाई और बेरोजगारी है। गांव में छुट्टे जानवर सबसे बड़ा मुद्दा है।
- बहुत वोटर परिवर्तन चाहते हैं चूंकि अगर तीसरी पंचवर्षीय में आ गए तब तो तानाशाही शुरू हो जाएगी
- कुल मिलाकर बीजेपी के वोटर में एक चौथाई कहते हैं कि इस बार उसे वोट नहीं देंगे। सपा और कांग्रेस का वोट कायम है। बीएसपी में मामूली गिरावट है, लेकिन वो बीजेपी को नहीं जा रहा।
- अगर 2019 में बीजेपी के वोट का दसवां हिस्सा भी खिसक कर सपा कांग्रेस को मिल गया तो उसे 20 सीट का नुकसान हो सकता है। अगर इससे ज्यादा टूट गया तो परिणाम पूरी तरह से उलट जाएगा।
- चेतावनी: अभी सिर्फ 16 सीट में वोट पड़े हैं और स्थिति बदल सकती है, लेकिन फिलहाल तो हर दिन स्थिति बीजेपी के लिए विकट होती दिखाई दे रही है।
योगेंद्र यादव ने लिखा, यह कोई एक्ज़िट पोल या जादुई सर्वे नहीं है। आप खुद इसकी जांच कर सकते हैं। कहीं भी गांव देहात में जाकर पूछिये कि पिछली बार किसे वोट दिया था और इस बार किसे देंगे।