लोकसभा चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें जीतने के भरोसे के साथ भाजपा ने एनडीए को और मजबूत करने तथा अगली सरकार के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में एनडीए दलों बैठक बुलाई है। इस बैठक में शामिल होने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के नेता नीतीश कुमार भी पहुंच गए हैं।
उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाने को गलत बताया है। उनका कहना है कि ईवीएम के आने से चुनावों में पारदर्शिता आई है। यह एक ऐसी तकनीक है जिसपर कई बार सवाल उठाए गए हैं और इसका जवाब चुनाव आयोग ने दिया है। हारने वाले दल का ये कहना कि चुनाव में विसंगतियां हैं, कोई नया नहीं है।
इसके साथ ही भाजपा बीजद, टीआरएस और वाइएसआर कांग्रेस के संपर्क में भी है। जरूरत पड़ने पर इनका सहयोग लिया जा सकता है।
शाह ने एनडीए के शीर्ष नेताओं को मंगलवार को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के शीर्ष नेताओं की बैठक होगी। वहीं, एनडीए की बैठक में बिहार के सीएम व जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, तमिलनाडु के सीएम के पलानीसामी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान भी मौजूद रहेंगे।
ईवीएम पर सवाल के साथ विपक्ष भी रणनीति में जुटा
एग्जिट पोल के नतीजों से असहज विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विपक्षी खेमेबंदी के प्रयास में लगे आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबाबू नायडू ने सोमवार शाम पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेता 23 मई को नतीजे आने के बाद महागठबंधन की बैठक बुलाने पर सहमत हो गए हैं।
विपक्षी दलों की कोशिश है कि अगर नतीजों में करीबी स्थिति बनती है तो यूपीए समेत तीसरे मोर्चे की संभावना पर विचार किया जाए। इसे लेकर एनसीपी चीफ शरद पवार भी विपक्षी नेताओं को साधने में लगे हैं। पवार ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, वाईएसआरसी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी के भी संपर्क में हैं। वहीं, कांग्रेस भी परिणाम के बाद की स्थिति पर मंथन में जुटी है।