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EC की दो टूक: बिहार वोटर लिस्ट की समीक्षा पर बैठक के लिए केवल पार्टी प्रमुख से बात; इनके अनुरोध होंगे खारिज

Wed, 02 Jul 2025 04:22 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची जांच पर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से 2 जुलाई को बैठक की मांग की थी। लेकिन कांग्रेस की तरफ से बताए गए दलों में से किसी ने बैठक की पुष्टि नहीं की। जिसके बाद चुनाव आयोग ने ये बैठक टाल दी थी। अब आयोग ने कहा है कि वह बैठक के लिए राजनीतिक दलों की ओर से किसी अनाधिकृत व्यक्ति के प्रस्ताव पर बात नहीं करेगी। वह केवल राजनीतिक दलों के प्रमुखों से ही संचार करेगा। 
 
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चुनाव आयोग - फोटो : ANI
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विस्तार
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बिहार की मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा को लेकर मुलाकात के लिए समय मांगने के अनुरोध को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि आयोग समीक्षा पर बैठक के अनुरोधों पर केवल राजनीतिक दलों के प्रमुखों से ही बात-चीत करेगा। 

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अधिकारियों के अनुसार, राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले कई व्यक्ति बिहार की मतदाता सूची के वर्तमान में चल रही विशेष गहन समीक्षा पर चर्चा करने के लिए आयोग से मुलाकात का समय मांग रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि अब से चुनाव प्राधिकरण अनधिकृत व्यक्तियों की ओर से किए गए ऐसे अनुरोधों को खारिज कर देगा।

विपक्षी दलों ने लगाया है ये आरोप
दरअसल, विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि समीक्षा की इस प्रक्रिया से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जहां पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। विपक्ष का कहना है कि इसके चलते भाजपा सरकार अपने लाभ के लिए राज्य मशीनरी का उपयोग कर सकती है।
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कांग्रेस ने की थी तत्काल बैठक की मांग

बता दें कि चुनाव आयोग की तरफ से घोषणा के बाद बीते 30 जून को कांग्रेस के एक कानूनी प्रतिनिधि ने चुनाव आयोग को एक ई-मेल भेजकर 2 जुलाई को तत्काल बैठक की मांग की थी। यह ई-मेल कांग्रेस की ओर से, विपक्षी गठबंधन के कई दलों की ओर से भेजा गया था। कांग्रेस प्रतिनिधि ने खुद को कई दलों की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि बताया था। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि केवल दो दलों, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और सीपीआई (एम) ने अब तक बैठक में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। 
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चुनाव आयोग का एलान, और विपक्षी दलों का विरोध
गौरतलब है कि बिहार में चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची के विशेष संशोधन अभियान की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को इस प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां और शंकाएं हैं, जिसे लेकर वे चुनाव आयोग से मिलकर अपनी चिंता जताना चाहते थे।

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