चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर जताए जा रहे संदेह को दूर करने के लिए एक नई कवायद शुरू की है। आयोग ने न्यायविदें और कानून के जानकारों के लिए ईवीएम और वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) की बारीकियों से जुड़ी ‘स्पेशल क्लास’ आयोजित करने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस स्पेशल क्लास में आयोग की तरफ से जजों और वकीलों को ईवीएम और वीवीपीएट मशीन के रखरखाव, उसके सुरक्षित होने से जुड़े पहलू के साथ कई अन्य तरह की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। साथ ही वीवीपैट की आवश्यकता और वोट डालने के बाद निकलने वाली पर्ची की प्रमाणिकता व मिलान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
लोकसभा चुनाव 2019 से मतदाता जागरूकता अभियान के तहत शुरू की गई इस कवायद का पहला चरण 7 माच को दिल्ली के जजों व वकीलों के लिए आयोजित किया गया। अब यह मुहिम पूरे देश में चलाने का निर्णय लिया गया है।
आयोग का मानना है कि इस कवायद से न्यायपालिका भी ईवीएम और वीवीपीएट की संपूर्ण कार्यप्रणाली से परिचत हो जाएगी, जिससे ईवीएम और वीवीपैट को चुनौती देने वाले कानूनी मसलों की सुनवाई में उसे मदद मिलेगी।