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ECI: चुनाव आयोग का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन शुरू, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे अध्यक्षता

Tue, 24 Feb 2026 08:49 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चुनाव आयोग मंगलवार को गोलमेज सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन आयुक्त शिरकत करेंगे। खास बात ये है कि यह आयोजन 27 साल बाद आयोजित होने जा रहा है। 
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चुनाव आयोग का गोलमेज सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत मंडपम में मंगलवार को चुनाव आयोग और देशभर के राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए। चुनाव आयोग का यह गोलमेज सम्मेलन 27 वर्षों बाद आयोजित किया जा रहा है। इस प्रकार का सम्मेलन आखिरी बार वर्ष 1999 में हुआ था।
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चुनाव आयोग के गोलमेज सम्मेलन का उद्देश्य क्या?
  • सम्मेलन की शुरुआत में मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने प्रतिभागियों को संबोधित कर चर्चा की दिशा तय की। इस दौरान आयोग ने 'लोकतंत्रों का संगम' नाम की पुस्तक का भी लोकार्पण भी किया।
  • ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश के हित और संवैधानिक तालमेल के लिए चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को वोटर को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करना चाहिए।
  • यह दिनभर चलने वाला सम्मेलन चुनाव प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के उपयोग, उसकी पारदर्शिता और सुरक्षा विशेषताओं पर विस्तार से प्रस्तुति दी जा रही है। साथ ही नई डिजिटल प्रणाली 'ईसीआईनेट' पर भी विशेष प्रस्तुति रखी गई है। इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना है।
  • बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता पात्रता से जुड़े प्रावधानों की तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जा रही है। यह चर्चा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में मतदाता सूची की तैयारी और संशोधन की कानूनी प्रक्रिया को बेहतर समझने के लिए की जा रही है। चुनावी सूची की सटीकता और मजबूती बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हो रहा है।
  • चुनाव आयोग के अनुसार इस बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर के निर्वाचन संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करना और सहकारी संघवाद की भावना को और सुदृढ़ करना है।
  • राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के तहत किया गया था। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243के और 243जेडए के अनुसार ये आयोग पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
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