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यूपी समेत पांच राज्यों में चुनावी बिगुल

Wed, 04 Jan 2017 10:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त, नसीम जैदी
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चुनाव आयोग ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में चुनाव तारीखों का एलान कर दिया। उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च तक सात चरणों में चुनाव होगा जबकि मणिपुर में 4 और 8 मार्च को दो चरणों में मतदान होगा। वहीं पंजाब और गोवा में 4 फरवरी और उत्तराखंड में 15 फरवरी को मतदान होगा। इसके साथ ही पांचों राज्यों में तत्काल आचार संहिता लागू हो जाने की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) नसीम जैदी ने कहा कि 11 मार्च को सभी चुनाव नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। 
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जैदी ने बताया कि पांच राज्यों की 690 विधानसभा सीटों पर कुछ 16 करोड़ मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे जिनके लिए आयोग ने पिछले चुनाव के मुकाबले 15 फीसदी अधिक यानी 1.85 लाख मतदान केंद्र तैयार किए हैं।

दो अन्य चुनाव आयुक्तों एके जोती और ओपी रावत की मौजूदगी में जैदी ने पत्रकारों को बताया कि पंजाब और गोवा में 11 जनवरी को अधिसूचना जारी होने के साथ ही उम्मीदवारों की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यूपी में 17 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा, ‘आदर्श आचार संहिता सभी राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और केंद्र सरकारों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।’
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 नोटबंदी के बाद पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनके चुनाव नतीजे न सिर्फ राज्यों की दशा-दिशा तय करेंगे बल्कि केंद्र की राजनीति पर असर डालेंगे। दरअसल, इसी साल राष्ट्रपति पद भी चुनाव होना है और चुनाव नतीजों से ही तय हो पाएगा कि सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग अपना मनपसंद राष्ट्रपति बना पाएगा या नहीं।  उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी (73 सीटें), 15 फरवरी (67 सीटें), 19 फरवरी (69 सीटें), 23 फरवरी (53 सीटें), 27 फरवरी (52 सीटें), 3 मार्च (49 सीटें) और 8 मार्च (40 सीटें) को वोट डाले जाएंगे। मणिपुर में पिछले साल की चुनावी हिंसा को देखते हुए वहां दो चरणों में क्रमश: 4 मार्च (38 सीटें) और 8 मार्च (22 सीटें) को वोट डाले जाएंगे।

इस बार चुनाव आयोग बेहद सख्त 

उत्तराखंड में 20 जनवरी को जबकि मणिपुर में 11 फरवरी को नामांकन पत्र भरना शुरू हो जाएगा। जैदी ने कहा कि गोवा, मणिपुर और पंजाब का विधानसभा का कार्यकाल 18 मार्च, 2017 को खत्म हो रहा है, जबकि उत्तराखंड का 26 मार्च और उत्तर प्रदेश का कार्यकाल 27 मई को खत्म हो रहा है। उत्तर प्रदेश में 13.85 करोड़, उत्तराखंड में 73.81 लाख और पंजाब में 1.92 करोड़ मतदाता हैं। 

उत्तर प्रदेश में 147148, उत्तराखंड में 10854, पंजाब में 22600, गोवा में 1642 और मणिपुर में 2794 पोलिंग बूथ केंद्रों की व्यवस्था की गई है। आयोग पहली बार चुनाव तारीखों की घोषणा के 72 घंटे बाद की चुनावी प्रकियाओं और मतदान से 72 घंटे पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया जारी करेगा ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सभी चुनावी मशीनरी को दुरुस्त हैं।

इस बार आयोग बेहद सख्त 
चुनाव आयोग ने इस बार कई मामलों में सख्ती बरतते हुए चुनाव में प्रति उम्मीदवार खर्च सीमा भी तय कर दी है। चुनाव खर्च के लिए उम्मीदवारों को अलग से खाता खुलवाना होगा और 20 हजार से अधिक रुपये का खर्च उनके खाते से चेक के जरिये भुगतान किया जाएगा। 

आयोग ने यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में जहां प्रत्येक उम्मीदवार की अधिकतम खर्च सीमा 28 लाख रुपये तय की है वहीं गोवा और मणिपुर के लिए खर्च सीमा 20 लाख रुपये रखी है।  इसके अलावा उम्मीदवार को ‘नो डिमांड सर्टिफिकेट’ फॉर्म पर हलफनामा देना होगा कि उनके नाम पिछले दस वर्षों से  बिजली, पानी, टेलीफोन बिल और सरकारी आवास का कोई किराया बकाया नहीं है। उम्मीदवार को यह भी घोषणा करनी होगी कि वह भारत का नागरिक है और किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं ली है। 
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ईवीएम में इस बार चुनाव निशान के साथ प्रत्याशी की तस्वीर भी

पहले चरण में 11 फरवरी को बुलंदशहर में मतदान 
यूपी में 15 जिलों की 73 विधानसभा सीटों पर पहले चरण में मतदान होगा। यहां 17 जनवरी को अधिसूचना जारी होने के बाद 24 जनवरी तक नामांकन किया जाएगा। नामांकन की जांच 25 जनवरी और नाम वापसी 27 जनवरी को होगी। पहले चरण का मतदान शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज जिलों में होगा। 

ईवीएम में इस बार चुनाव निशान के साथ प्रत्याशी की तस्वीर भी लगाने की व्यवस्था की गई है। यह भी व्यवस्था की गई है कि वोटर यह देख सके कि उसने किसको वोट दिया है। यानी एक स्लिप भी निकलेगी. जैदी ने बताया कि पोस्टल बैलेट की जगह इस बार ई-वोटिंग की व्यवस्था की गई है। जैदी ने बताया कि 100 प्रतिशत वोटरों के पास वोटर आईडी कार्ड हैं।
 
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