चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़े आरोपों के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने विभिन्न जिलों में अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित किए हैं, जहां मतदाताओं का नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 10 मार्च 2026 के आदेश और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के आधार पर लिया गया है।
23 मार्च को जारी हो सकती है पहली पूरक मतदाता सूची, अंतिम तैयारियां तेज
पश्चिम बंगाल में पहली पूरक मतदाता सूची 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पहले यह सूची 19 मार्च को प्रकाशित होनी थी, लेकिन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसे अंतिम समय में टाल दिया गया।
अधिकारी के मुताबिक, सूची को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। इसके तैयार होते ही राज्य के करीब 80 हजार मतदान केंद्रों पर इसे प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि मतदाता आसानी से अपने नाम की जांच कर सकें।
यह पूरक सूची इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें उन मतदाताओं के नाम शामिल हो सकते हैं, जिनके आवेदन 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद विवेचना के तहत रखे गए थे। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में करीब 60 लाख से अधिक मामलों को जांच के दायरे में रखा गया था, जिनमें से अब तक 27 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया जा चुका है।